3जी रोमिंग समझौते को अनुमति मिली
सरकार के एक पुराने फैसले को रद्द करते हुए मंगलवार को दूरसंचार विवाद निपटारा एवं अपीलीय न्यायाधिकरण (टीडीसैट) ने दूरसंचार कंपनियों को अपने लाइसेंसी क्षेत्र से बाहर भी 3जी सेवा देने की अनुमति दे दी। दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने पहले दूरसंचार कंपनियों को नोटिस भेजकर 3जी इंटर-सर्किल रोमिंग सेवा बंद करने के लिए कहा था। इसने कुल 1,200 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था, जिसे टीडीसैन ने रद्द कर दिया। जानकारों के मुताबिक न्यायाधिकरण के इस फैसले से देश में तेज रफ्तार वाली डाटा सेवा के विस्तार को भी मदद मिलेगी।
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टीडीसैट ने अपने आदेश में कहा, "हम यह पाते हैं कि इंट्रा-सर्किल 3जी रोमिंग समझौता दो पक्षों के पास मौजूद यूएएस लाइसेंस के किसी प्रावधान का उल्लंघन नहीं है और सरकार याचिकाकर्ताओं को समझौते के जरिए सेवा देने से रोकने के लिए मुक्त नहीं है। आदेश में कहा गया, "हम डीओटी की समिति द्वारा भारती (एयरटेल) के मामले में 15 मार्च 2013 के आदेश और वोडाफोन तथा आइडिया के मामले में पांच अप्रैल 2013 को दिए गए आदेश को रद्द करते हैं।
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आदेश में कहा गया, "हम 23 दिसंबर 2011 को एयरसेल और टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड को भेजी गई सरकारी सूचना को भी रद्द करते हैं। यहां हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि एमटीएनएल, बीएसएनएल और रिलायंस भी अन्य कंपनियों के साथ इस तरह के समझौते करने के लिए मुक्त हैं। पीठ की अध्यक्षता न्यायमूर्ति आफताब आलम कर रहे थे।
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करीब डेढ़ साल पहले दूरसंचार विभाग ने समझौते को रद्द करते हुए कहा था कि वे अवैध हैं और इससे कंपनी स्पेक्ट्रम पर अपना अधिकार खो सकते हैं।एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया ने इस मुद्दे को दिल्ली उच्च न्यायालय में उठाया था, जहां फैसला डीओटी के पक्ष में गया था। इसके बाद कंपनियां सर्वोच्च न्यायालय गई थीं और उन्होंने मामले को टीडीसैट के सुपुर्द करने की मांग की थी। सर्वोच्च न्यायालय ने सितंबर 2013 में कंपनियों को इस मामले को टीडीसैट में ले जाने की अनुमति दी थी। ताजा फैसले से एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर को बड़ी राहत मिलेगी।


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