Truecaller सीईओ का दावा, TRAI का कॉलर डिस्प्ले मैकेनिज्म नहीं दे पाएगा टक्कर
ट्रूकॉलर (Truecaller), दुनिया में सबसे पॉपुलर कॉलर आइडेंटिफिकेशन मोबाइल एप्लिकेशन में से एक है जो TRAI/ट्राई (भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण) के कॉलर डिस्प्ले सिस्टम (Caller Display System) को लेकर चिंतित नहीं है। ट्रूकॉलर के सीईओ एलन मामेदी (Alan Mamedi) ने कहा कि कॉलर की पहचान के लिए TRAI की पहल ट्रूकॉलर से बिल्कुल भी प्रतिस्पर्धा नहीं कर पायेगी।

मामेदी ने कहा कि ट्रूकॉलर (Truecaller) अपने 310+ मिलियन मंथली एक्टिव यूजर्स को सर्विसेज की एक पूरी सीरीज प्रदान करता है, जो ट्राई की कॉलर डिस्प्ले फीचर को कंपनी के लिए एक गैर-खतरा बनाता है।
Truecaller के सबसे ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं भारत से
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, ट्रूकॉलर के CEO एलन मामेदी ने कहा कि कॉलर आइडेंटिफिकेशन मैकेनिज्म पर काम करने के लिए ट्राई का हालिया कदम भारत में ट्रूकॉलर के विकास के लिए उत्प्रेरक हो सकता है। Truecaller के लिए, मंथली एक्टिव यूजर्स के मामले में भारत पहले से ही ग्लोबल लेवल पर सबसे बड़ा मार्केट है। नवंबर 2021 में, Truecaller के भारत में 220 मिलियन से अधिक एक्टिव यूजर्स थे, जबकि सितंबर में 178 मिलियन यूजर्स थे।
TRAI का सिस्टम कॉल करने वाले का नाम डिस्प्ले करने के लिए दूरसंचार ऑपरेटरों के पास उपलब्ध KYC डिटेल्स का लाभ उठाएगी। नियामक संस्था निकट भविष्य में इसके लिए एक परामर्श पत्र भी जारी करेगी।
Truecaller CEO मामेदी ने कहा कि ट्राई के कॉलर आइडेंटिफिकेशन मैकेनिज्म को लागू होने में सालों लगेंगे। तब तक Truecaller साइज में और भी बड़ा हो सकता है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि हाल ही TRAI ने यह घोषणा की थी कि वो कॉलर की डिटेल्स डिस्प्ले करने के लिए मैकेनिज्म पर काम कर रहा है इस कारण अब Truecaller जैसे थर्ड-पार्टी ऐप्स की जरूरत नहीं होगी और जब कोई कॉल करेगा तो अपने आप कॉलर की जानकारी सामने आ जायेगी।
इससे फायदा यह होगा कि Truecaller या उसके जैसा ऐप इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं होगी और साथ ही फालतू के एड्स भी दिखाई नहीं देंगे।


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