फेसबुक-वॉट्सएप के लिए करना होगा भुगतान, रोज चुकानें होंगे 3.36 रुपए
युगांडा की सरकार ने हाल ही में एक कानून पास किया है, जिसके अनुसार युगांडा में लोगों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल के बदले अलग से टैक्स चुकाना होगा। इस विवादास्पद कानून के लागू होते ही युगांडा के नागरिकों को फेसबुक, वॉट्सएप, वीबर और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए हर रोज के हिसाब से भुगतान करना होगा। इस टैक्स के लागू करने के पीछे युगांडा की सरकार ने बताया है कि लोग सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैलाते हैं और उन्हें सच मान लेते हैं। टैक्स लगाने के बाद लोग इनसे दूर रहेंगे।

अब बात करते हैं टैक्स की राशि की। युगांडा नागरिकों को सोशल मीडिया चलाने के लिए हर रोज 200 युगांडा सिलिंग (युगांडा की करंसी) यानी करीब 3 रुपए व 50 पैसे का टैक्स चुकाना होगा। फिलहाल ये कानून पास हो गया है और 1 जुलाई 2018 से लागू होने की उम्मीद है। हालांकि इस बात में भी अभी संशय है कि ये टैक्स नागरिकों पर लागू होगा या नहीं।
सोशल मीडिया टैक्स पर युगांडा के राष्ट्रपति Yoweri Museveni ने कहा कि सोशल मीडिया अफवाहें फैलने और फैलाने का मेन सोर्स है। इस कानून के जरिए गपशप और अफवाहों पर रोक लगेगी। इसके अलावा युगांडा की सरकार नए एक्साइज ड्यूटी (संशोधन) बिल में कई टैक्स जोड़ने वाली है, जिसमें मोबाइल पर मनी ट्रांजेक्शन करने पर भी ट्रांजेक्शन की गई राशि का 1 परसेंट टैक्स लगेगा।
युगांडा दुनिया में मौजूद गरीब देशों में आता है और देश में 23.6 मिलियन मोबाइल फोन यूजर्स हैं, जिनमें से सिर्फ 17 मिलियन ही इंटरनेट का इस्तेमाल कर पाते हैं। इन सभी टैक्स पर युगांडा के वित्त मंत्री Matia Kasaija ने कहा कि इन सभी टैक्स के जरिए देश का कर्ज कम किया जा सकेगा। इसके अलावा सुरक्षा और बिजली के लिए भी काम किया जाएगा। साथ ही टैक्स लोगों को सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने से नहीं रोकेगा।

बता दें कि युगांडा में सोशल मीडिया सत्ता और विरोधी दोनों ही पार्टी के लिए एक अहम टूल है। ऐसे में इस टैक्स मामले का राजनीतिकरण भी हो सकता है। इससे पहले साल 2016 में सरकार ने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी देश में सोशल मीडिया को पूरी तरह बंद कर दिया था। इसके अलावा तब राष्ट्रपति ने लोगों से झूठ और अफवाह न फैलाने की गुहार लगाई थी।


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