1 जुलाई से आधार पर भी मिलेगा फेस रिकॉग्नाइजेशन फीचर
आधार कार्ड धारक अब न सिर्फ रेटिना और फिंगर प्रिंट बल्कि चेहरे से भी सत्यापन कर सकेंगे। दरअसल आधार कार्ड के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) इस साल 1 जुलाई फेस रिकॉग्नाइजेशन फीचर यानी चेहरा सत्यापन की सुविधा भी पेश करने जा रहा है।
आधार पर इस नई सुविधा के आने के बाद यूजर्स अब न सिर्फ उंगलियों के निशान और आंखों की पुतलियों के अलावा चेहरे से भी आधार कार्ड धारकों का सत्यापन किया जा सकेगा है।

बता दें कि पिछली साल फिंगर प्रिंट मिटने के चलते कई आधार कार्ड धारक सत्यापन नहीं कर सके थे। तब ये बात कही गई थी कि मजदूरी करने वाले कई लोगों के हाथों से फिंगर प्रिंट मिट जाते हैं या घिस जाते हैं, तो ऐसे में उन्हें सत्यापन के टाइम बहुत मुश्किल आती है। ऐसे में प्राधिकरण ने जनवरी में कहा था कि फिंगर प्रिंट मिटने से होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए चेहरे से सत्यापन की शुरुआत करेगा।
प्राधिकरण ने ये भी कहा कि चेहरे की पहचान के अलावा पुराने तरीके जैसे फिंगर प्रिंट, रेटिना या वन टाइम पासवर्ड के जरिए भी सत्यापन किया जाएगा। फिलहाल इस पर काम 1 जुलाई से किया जाएगा।
गौरतलब है कि मोबाइल नंबर को आधार कार्ड से लिंक करने की आखिरी तारीख आगे बढ़ चुकी है। पहले इसकी अंतिम तारीख 31 मार्च 2018 थी। अगर आप ये जानना चाहते हैं कि आधार लिंक की नई डेडलाइन क्या है, तो बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा जब तक आधार योजना की वैधता पर संविधान पीठ का फैसला नहीं आ जाता है, तब तक लिंकिंग जरूरी नहीं है।
आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं और इसी मामले पर फैसला आने तक आधार को लिंक करने की अंतिम तारीख 31 मार्च को भी खत्म कर दिया गया है। आधार की अनिवार्यता व वैद्यता और लोगों की निजी जानकारी सुरक्षा को लेकर सवाल आए हैं।
सरकारी सेवाओं में आधार नंबर लिंकिग को लेकर याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ आधार को लिंक कराने से जुड़े मामले पर फैसला नहीं देती तब तक आधार को मोबाइल, बैंक अकाउंट, इनकम टैक्स, पैन कार्ड आदि से लिंक कराने की जरूरत नहीं है।


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