अटक न जाए UPI पेमेंट! जोखिम से बचना है तो ध्यान रखें ये बातें; सरकार ने लिया बड़ा एक्शन
मौजूदा वक्त में ऑनलाइन पेमेंट हर किसी की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। फोन पे, पेटीएम और गूगल पे जैसे ऐप के जरिये हर रोज लाखों ट्रांजैक्शन से करोड़ों रुपये का लेन-देन होता है। हालांकि इसमें फ्रॉड का जोखिम भी रहता है।
इसी जोखिम को कम करने के लिए सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। कहा गया है कि आने वाले हफ्तों में कुछ नंबर से होने वाले ट्रांजैक्शन पूरी तरह से बंद हो जाएंगे। DoT द्वारा अनवील किए फ्रॉड रिस्क इंडीकेटर (FRI) के जरिये ऐसा होगा। आइए जानते हैं क्या है ये?

किन नंबर वाले ट्रांजैक्शन होंगे ब्लॉक
अब सवाल है कि सरकार किन मोबाइल नंबरों से यूपीआई ट्रांजैक्शन बंद करने वाली है? तो बता दें, यूपीआई के जरिये होने वाले फ्रॉड्स पर लगाम लगाने के मकसद से ऐसे नंबरों पर यूपीआई काम नहीं करेगा। जिन पर पहले कभी संदिग्ध गतिविधियां पाई गई हैं या उन को कभी न कभी किसी वजह से फ्लैग किया गया है।
कैसे काम करेगा नया मैकेनिज्म
नया मैकेनिज्म तीन रिस्क लेवल पर मोबाइल नंबर को स्कैन करेगा। मीडियम, हाई और वेरी हाई। इसमें नेशनल साइबर क्राइम और डॉट के खुद के चक्षु प्लेटफॉर्म के डेटा का इस्तेमाल किया जाएगा।
FRI दूरसंचार विभाग की डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) नामक बड़ी पहल का हिस्सा है, जिसका मकसद वित्तीय लेनदेन के इर्द-गिर्द डिजिटल माहौल को मजबूत करना है। इसे खासतौर पर UPI सर्विस ऑपरेटर्स, बैंकों और NBFC को लेनदेन की जांच करने के लिए तैयार किया गया है।
क्या करना चाहिए?
अगर आपके मोबाइल नंबर पर कभी कोई गलत गतिविधी नहीं पाई गई है, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगर फिर आपके मोबाइल नंबर से UPI ट्रांजैक्शन ब्लॉक कर दिया जाता है तो इस स्थिति में आपको बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करनी चाहिए और इसकी वजह जाननी चाहिए। साथ ही मोबाइल नंबर को यूपीआई अकाउंट के साथ अनलिंक करके फिर से लिंक करना चाहिए।


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