अब वर्चुअल ID दिखाकर खऱीद सकेंगे नया सिमकार्ड
कस्टमर्स अब आधार की जगह वर्चुअल आईडी दिखाकर भी नया सिमकार्ड खरीद सकेंगे। इसके अलावा सिम के वैरिफिकेशन में भी वर्चुअल आईडी का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यानी अब नया सिमकार्ड खरीदने या वर्तमान सिमकार्ड के वैरिफिकेशन में आधार कार्ड की अनिवार्यता नहीं होगी। दूरसंचार विभाग से टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को मिले निर्देश के मुताबिक, मोबाइल ग्राहकों के लिए आधार की जगह वर्चुअल आईडी के इस्तेमाल और मौजूदा प्रणाली में बदलाव के लिए कहा है।

आधार सुरक्षा को देखते हुए यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI)ने आधार धारकों के लिए वर्चुअल आईडी सिस्टम पेश किया है। वर्चुअल आईडी सिस्टम में 16 अंकों के आधार नंबर के जरिए वर्चुअल आईडी को जनरेट किया जा सकेगा। अगर यूजर अपनी आधार नंबर नहीं देना चाहता है, तो ऐसे में वह वर्चुअल आईडी दे सकेगा।
अपने आधार कार्ड और उसकी जानकारी को लेकर यूजर्स हमेशा परेशान रहते हैं। कुछ समय पहले खबरें आई थी जिनमें कहा गया था कि आधार नंबर के जरिए कई यूजर्स की जानकारियां लीक हो गई थीं। कई सरकारी सेवाओं और योजनाओं में आधार कार्ड की जानकारी देना जरूरी है। ऐसे में लोगों को आधार से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक होने का डर रहता है।
इसी को देखते हुए UIDAI ने वर्चुअल ID सिस्टम पेश किया है, जिसमें अपने आधार नंबर से वर्चुअल आईडी जनरेट कर उसे आधार नंबर की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा। हालांकि ओटीपी की तरह ही इस वर्चुअल आईडी की एक एक्सपायरी डेट होगी, जिसके गुजरने के बाद इसे इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा और तब नई वर्चुअल आईडी क्रिएट करनी होगी। पुरानी आईडी अपने आप कैंसिल हो जाएगी। वर्चुअल आईडी से जुड़ी तीसरी सबसे जरूरी बात ये है कि एक यूजर एक से ज्यादा वर्चुअल आईडी जनरेट कर सकता है और इसका इस्तेमाल कर सकता है।
बुधवार को जारी अधिसूचना में दूरसंचार विभाग सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां 1 जुलाई से यूआइडीएआइ की तरह से जारी वर्चुअल आईडी को नया मोबाइल कनेक्शन लेने या पुराने के दोबारा वैरिफिकेशन के लिए इस्तेमाल करने के लिए अपने सिस्टम में जरूरी बदलाव कर लें।
साथ ही UIDAI इस कोशिश में लगी है कि केवाईसी के लिए आधार के इस्तेमाल को कम कर वर्चुअल आईडी को उपयोग किया जाए। UIDAI वर्चुअल आईडी के संबंध में एजेंसियों को प्रमाणीकरण और ईकेवाईसी सेवाओं के इस्तेमाल के लिए निर्देश दे रहा है। जो एजेंसियां टाइम लिमिट के अंदर सपोर्ट इंटीग्रेट नहीं करती हैं, वह वित्तीय परेशानियों का सामना कर सकती हैं।


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