वोडाफोन-आइडिया ने इंटरनेट रेट को 35 रुपए प्रति जीबी करने के लिए लिखा पत्र
वोडाफोन-आइडिया ने मोबाइल में चलने वाले इंटरनेट डेटा को महंगा करने की मांग की है। भारत में इस वक्त इंटरनेट डेटा की कीमत काफी कम है। इंटरनेट रेट के कम होने के बाद भारत में एक तरह से इंटरनेट की क्रांति आ गई है। अभी भारत में इंटरनेट रेट काफी सस्ता है। अगर वोडाफोन-आइडिया की ही बात करें तो उनके यूज़र्स को इस वक्त 4-5 रुपए प्रति जीबी की दर पर इंटरनेट डेटा को खरीदना होता है लेकिन अब वोडाफोन कंपनी ने कहा है कि इस डेटा दर को बढ़ाकर 35 रुपए प्रति जीबी कर दिया जाए।

7-8 गुना महंगा होगा इंटरनेट
अगर ऐसा हुआ तो आपको बता दें कि आपके फोन में चलने वाले इंटरनेट डेटा की कीमत 7-8 गुना ज्यादा हो जाएगी। अगर इंटरनेट डेटा महंगा हो गया तो इसका मतलब कि आप अभी जितना पैसा इंटरनेट डेटा के लिए खर्च करते हैं उससे ठीक 7-8 गुना ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।
इसके अलावा वोडाफोन-आइडिया कंपनी ने वॉयस कॉलिंग को भी महीने की एक फिक्स रेट के साथ 6 पैसा प्रति मिनट करने की मांग कर रही है। अब इस वक्त वोडाफोन से वोडाफोन पर कॉल करने के लिए कॉलिंग मुफ्त होती है और दूसरे नेटवर्क पर कॉल करने के लिए 1 से 1.5 पैसा प्रति मिनट चार्ज यूज़र्स को देने पड़ते हैं।
दूरसंचार मंत्रालय को वोडाफोन ने लिखा पत्र
वोडाफोन-आइडिया कंपनी ने दूरसंचार मंत्रालय को पत्र लिखा है। इस पत्र में कंपनी ने लिखा है कि मोबाइल डेटा की दर प्रति गीगाबाइट 35 रुपए होनी चाहिए और एक अप्रैल 2020 से मिनिमम मासिक कनेक्शन शुल्क को 50 रुपए करना चाहिए। अभी भी सभी कंपनियों ने मिनिमम मासिक शुल्क लगा दिया है। इस शुल्क का दर 35 रुपए प्रति महीना है। वहीं इंटरनेट डेटा का दर 4-5 रुपए प्रति महीना है।
आपको बता दें और गौर करने वाली बात भी है कि कुछ महीने पहले ही सभी टेलिकॉम कंपनियों ने अपने प्लान्स के रेट्स को 50% तक बढ़ा दिया था। अब वोडाफोन-आइडिया कंपनी वर्तमान रेट से भी 7-8 गुना बढ़ाने की मांग कर रही है। ऐसे में जरा सोचिए कि अगर दूरसंचार मंत्रालय इस बात को मान लेता है तो इंटरनेट और कॉलिंग के रेट कहां तक पहुंच जाएंगे और लोगों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।


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