भारत से अपना व्यापार खत्म करने की तैयारी में वोडाफोन
2016 सितंबर में भारत में रिलायंस जियो कंपनी ने एक नया टेलिकॉम नेटवर्क का ऑप्शन लोगों को दिया। उस समय में भारत में टेलिकॉम की क्रांति आ गई है। कॉलिंग रेट बिल्कुल मुफ्त हो गए और इंटरनेट रेट काफी सस्ते हो गए। जियो कंपनी ने फ्री में शुरुआत करके पूरे टेलिकॉम सेक्टर को यूज़र्स के लिए काफी सस्ता कर दिया।

इसकी वजह से भारत में मौजूद बाकी टेलिकॉम कंपनियों को भी मार्केट में बने रहने के लिए अपने रेट को सस्ता और कॉलिंग सुविधा को मुफ्त करना पड़ा। अब तीन साल के बाद जियो समेत इन सभी कंपनियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छोटी टेलिकॉम कंपनियां तो पहले ही बंद हो चुकी है और अब बड़ी कंपनियां भी बंद होने की कगार पर है।
वोडाफोन खत्म करेगी व्यापार
इन बड़ी कंपनियों में से एक का नाम वोडाफोन है। जी हां वोडाफोन कपनी भी अब बंद होने की कगार पर है। सूत्रों के हवालों और मीडिया में आ रही रिपोर्ट के अनुसार वोडाफोन कंपनी कभी भी भारत से अपना बिजनेस पूरी तरह समेत सकती है। आपको बता दें कि जियो कंपनी के आने के बाद लगातार घाटा में जा रहे अपने व्यापार को संभालने के लिए वोडाफोन और आइडिया कंपनी एक हो गए थे। इन दोनों कंपनियों ने हाथ मिला लिया था ताकि वो घाटे को मुनाफे में बदल सके।
हालांकि अब ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। इस वजह से वोडाफोन भारत से अपने नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने के बारे में सोच रही है। वोडाफोन के यूज़र्स दिन-प्रतिदिन कम होते जा रहे हैं। वोडाफोन और आइडिया कंपनी ने एक साथ अपने नेटवर्क को चलाना चाहा लेकिन फिर भी इनके व्यापार का नुकसान बढ़ता जा रहा है।
वोडाफोन को हुआ काफी घाटा
वोडाफोन कंपनी की बात करें तो लाखों यूज़र्स हर महीने वोडाफोन को छोड़ रहे हैं। इसके अलावा वोडाफोन के शेयरों में भी लगातार गिरावट हो रही है। इसकी वजह से वोडाफोन का बाजार पूंजीकरण भी लगातार कम होता जा रहा है। इन्हीं कारणों की वजह से वोडाफोन कंपनी अब भारत से अपने व्यापार को खत्म करने के लिए सोच रही है।
हालांकि न्यूज़ एजेंसी आइएनएस ने इस मामले में वोडाफोन के एक प्रवक्ता से इस ख़बर का सच जानना चाहा लेकिन उन्होंने ऐसी किसी भी ख़बर की पुष्टि नहीं की और ना ही इसका खंडन किया है। इसका मतलब साफ है कि वोडाफोन कंपनी अपने व्यापार को खत्म करने के बारे में निश्चित तौर पर विचार कर रही है।
ऐसे में अब यूज़र्स का नुकसान होने वाला है। यूज़र्स का सबसे बड़ा नुकसान उसके आदत में होगा। पिछले कुछ सालों में यूज़र्स को फ्री कॉलिंग और सस्ते इंटरनेट डेटा की आदत हो गई है। अब अगर उन्हें फिर से पुराने सिस्टम में जाना होगा तो निश्चित तौर पर उन्हें काफी बुरा लगेगा और उसका परिणाम भी टेलिकॉम कंपनियों को भुगतना पड़ सकता है। इस मामले में काफी सारे यूज़र्स का कहना है कि कंपनियों को पहले सोच समझकर किसी भी प्लान को लॉन्च करना चाहिए।
ऐसे में जियो ने क्यों शुरू की फ्री सेवा...?
अगर फ्री कॉलिंग और सस्ते इंटरनेट डेटा से कंपनियों को नुकसान होना था तो क्यों इसकी शुरुआत की गई और ट्राई ने इसकी अनुमति क्यों दी। अगर अब इस सिस्टम में बदलाव हुआ तो ऐसे सवालों का जवाब ट्राई और जियो कंपनी को देना ही होगा।


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