वीडियो: 1,500 बेकार बैटरियों से चार्ज किए 140 स्मार्टफोन
हम सभी के घरों में एक न एक गैजेट ऐसा जरूर होता है जिसमें पेंसिल सेल लगा होता है, जैसे दीवाल घड़ी, टार्च या फिर बच्चों के इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों में भी पेसिंल सेल का प्रयोग किया जाता है। जब ये बेकार हो जाते हैं तो हम इन्हें निकाल कर फेंक देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं लो बैटरी होने के बावजूद इन सेलों में कुछ पॉवर बच जाती है।
थाई सोयामिल्क बनाने वाली एक कंपनी BBDO Proximity ने उपभोक्ताओं और ब्रांड के बीच एक रिश्ते को दशार्ते हुए अनोखा कैपेंन बनाया है। जिसमें 1,500 बेकार हो चुके पेंसिल सेल को इक्ट्ठा करके एक पैनल पर लगाया गया है। पैनल में सभी पेंसिल सेल को लगाने के बाद इतनी पॉवर जनरेट हो गई कि 140 स्मार्टफोन बड़े आराम से चार्ज किए जा सकते हैं।
इसके लिए कंपनी ने एक वीडियो भी बनाया है जिसमें एक बड़ी सी वॉल में 1,500 सेलों को लगाकर इसे मॉल में रखा गया, वॉल में अलग अलग फोन चार्जर भी अटैच किए गए। कुछ समय बाद लोग इस वॉल में अपने स्मार्टफोन चार्ज भी करने लगे। वीटामिल्क के इस नए कैंपेन से न सिर्फ कंपनी अपने ब्रांड को प्रमोट कर रही है बल्कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा उर्जा बचाने के लिए प्रेरित भी कर रही है।
Watch This Wall of Dead Batteries Charge 140 Smartphones
देखिए कैसे बेकार बैटरियों से चार्ज किए गए स्मार्टफोन
Wall of Dead Batteries
वीटामिक्स द्वारा बनाया गया कैंपन डेड बैटरी फॉर डेड बैटरी यू ट्यूब में काफी पॉपुलर हो रहा है।
Wall of Dead Batteries
पेंसिल सेल में 400 एमएएच की पॉवर होती है जिसे बाद में प्रयोग किया जा सकता है।
Wall of Dead Batteries
कंपनी ने एक सेल वॉल बनाई जिसमें 1,500 बेकार पेंसिल सेलों का प्रयोग किया गया है।
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1,500 बेकार पेंसिल सेलों की मदद से करीब 140 स्मार्टफोन चार्ज किए जा सकते हैं।
Wall of Dead Batteries
यानी इन सेलों की मदद से 830 घंटे का टॉक टाइम मिल सकता है।
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ये दुनिया का पहला ऐसा रिर्चाजेबल स्टेशन है जिसमें पेसिंल सेलों का प्रयोग किया गया है।
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कंपनी ने इस कैंपेन को डेड बैटरी फॉर डेड बैटरी का नाम दिया है।


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