स्मिशिंग' का बढ़ता खतरा और जानिए इससे कैसे करें बचाव?
साइबर फ्रॉड कई तरह के होते हैं जैसे बोटनेट, इंटरनेट हैरेशमेंट, फिशिंग मेल, वायरस और मालवेयर के अलावा ऐसे ढेरों तरीके हैं जो साइबर फ्रॉड में प्रयोग किए जाते हैं, ऐसा ही एक तरीका है स्मिशिंग जो एक प्रकार का साइबर अपराध है इसमें हैकर एसएमएस या टेक्स्ट मैसेज के जरिए धोखाधड़ी करते हैं।
स्मिशिंग में ज्यादातर हैकर लोगों को बैंक, सरकारी एजेंसी या किसी ऐसी कंपनी की तरफ से भ्रामक एसएमएस भेजते हैं जिस पर लोगों को काफी विश्वास होता है। ये मैसेज पढ़ने में इतने भरोसेमंद लगते हैं कि लोग आसानी से उनमें आ जाते हैं।

आइए जानते हैं स्मिशिंग करने का मकसद क्या होता है
1. किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी हासिल करना जैसे लॉगिन क्रेडेंशियल, क्रेडिट कार्ड नंबर, आधार नंबर आदि।
2. लोगों को मालिशियस लिंक पर क्लिक करवाना जिससे उनकी डिवाइस में मैलवेयर डाउनलोड हो जाए या नकली वेबसाइट्स की मदद से उनकी जानकारी चुराई जा सके।
3. हानिकारक ऐप या सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाना जो यूजर के डेटा को नुकसान पहुंचा सके।
स्मिशिंग धोखाधड़ी का एक बहुत ही भयानक तरीका है क्योंकि आज के डिजिटल युग में लोग आसानी से इस जाल में फंस सकते हैं। इसलिए लोगों को सतर्क रहने और किसी भी अनजान नंबर से आए संदेशों पर विश्वास न करने की जरूरत है। ग्रामीण भारत में 100% नए बैंक खाते अब डिजिटल रूप से खोले जा रहे हैं, और जैसे-जैसे अधिक ग्राहक डिजिटल बैंकिंग की ओर बढ़ेंगे, स्मिशिंग हमले का शिकार होने का खतरा भी बढ़ेगा।
इग्रेस के ईमेल थ्रेट सिक्योरिटी रिपोर्ट 2024 के अनुसार 2023 में हुए स्मिशिंग हमलों के कुछ आंकड़े
- दिसंबर 2023 में, संयुक्त राज्य अमेरिका में लगभग 19 बिलियन स्पैम एसएमएस संदेश भेजे गए, जो प्रति व्यक्ति लगभग 19 संदेश हैं।
- 2023 में, लगभग 3 बिलियन एसएमएस धोखाधड़ी से जुड़े मैसेज हर हफ्ते भेजे गए, इस हिसाब से लगभग 400 मिलियन प्रतिदिन और लगभग 300,000 प्रति मिनट मैसेजे भेजे गए।
-2023 की दूसरी तिमाही में, उत्तरी अमेरिका में विश्व स्तर पर सबसे अधिक फिशिंग और मालिसियस मैसेज भेजने की कोशिश की गई, जहां लगभग 484.5 हज़ार घटनाएं हुईं।
- 2023 में वैश्विक फिशिंग हमले 2022 की तुलना में लगभग 60% बढ़े।
स्मिशिंग से कैसे करें बचाव?
1. किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज पर विश्वास न करें, अगर कोई बैंक, सरकारी एजेंसी या कोई बड़ी कंपनी होने का दावा करता है, तो उसकी पुष्टि करने के लिए उस कंपनी के ऑफिस से संपर्क करें।
2. लिंक या अटैचमेंट पर तुरंत क्लिक न करें, स्मिशिंग मैसेज में अक्सर मालिसियस लिंक या अटैचमेंट होते हैं जो मैलवेयर डाउनलोड कर सकते हैं। इनपर क्लिक करने से बचें।
3. पर्सनल जानकारी साझा न करें, मैसेज में मांगी गई किसी भी पर्सनल या फाइनेंशियल जानकारी को साझा न करें। आपका बैंक आपसे ऐसी जानकारी कभी नहीं मांगेगा।
4. स्पैम फिल्टर हमेशा एक्टिवेट रखें, अपने मोबाइल डिवाइस और ईमेल पर स्पैम फिल्टर ऑन रखें ताकि संदिग्ध मैसेज सिस्टम में प्रवेश न कर सकें।
5. अपनी डिवाइस पर अच्छा एंटी-मैलवेयर और एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें और उन्हें नियमित रूप से उसे अपडेट करते रहें।
6. साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक रहें, साइबर अपराधियों जो भी नए तरीकों अपनाते हैं उनके बारे में जानकारी रखें और सतर्क रहें।
स्मिशिंग एक गंभीर खतरा है, लेकिन सावधानी बरतकर और सटीक जानकारी रखकर आप अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं।


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