स्मार्टफोन का रिफ्रेश रेट क्या होता है...? जानिए इसके फायदे और क्या नुकसान
हम जब मोबाइल खरीदते हैं तो फोन की स्क्रीन का साइज़ और पैनल पर ध्यान देते हैं। लेकिन पिछले साल से स्क्रीन के रिफ्रेश रेट की भी अहमियत बढ़ गई है। क्योंकि स्मार्टफोन मेकर कंपनियां अब रिफ्रेश रेट पर भी फोकस कर रही है। आज हम आपको डिस्प्ले रिफ्रेश रेट के बारे में बताएंगे।
क्या है रिफ्रेश रेट
जब भी आप मोबाइल या टीवी स्क्रीन पर कुछ देखते हैं तो उसके लिए एक तकनीक होती है-रेंडर। रेंडर का प्रोसेस ही रिफ्रेश रेट होता है। यानि 1 सेकेंड में इमेजज और ग्राफिक्स को जितनी बार रेंडर किया जा सकता है वह उस डिसप्ले का उतना रिफ्रेश रेट होता है और इस रिफ्रेश रेट को मापने का जो पैमाना है वह हर्ट्ज के नाम से जाना जाता है।
60 हर्ट्ज, 90 हर्ट्ज और 120 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट
पहले फोन में 60 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट का यूज़ होता था यानि ग्राफिक्स या इमेजेज 1 सैकेंड में 60 बार रिफ्रेश हो रहे हैं। इसी तरह 90 हर्ट्ज और 120 हर्ट्ज हैं। बदलते वक्त के साथ कंपनियां अब फोन में 120 हर्ट्ज का रिफ्रेश रेट देने लगी है। जिसका मतलब है कि इन फोंस के हार्डवयर किसी फ्रेम को 1 सेकेंड में 120 बार रिफ्रेश करता है। यानी कि साधारण फोन की अपेक्षा दो गुणा ज्यादा बार।
हाई रिफ्रेश रेट के फायदे
स्मूद डिस्प्ले
बेहतर स्क्रॉलिंग
स्थिर प्ले बैक
बेहतर गेमिंग एक्पीयिरंस
क्लियर ग्राफिक्स
कुल मिलाकर कहा जाए तो फ्रेम्स जितनी तेज़ी से रेंडर होंगे डिस्प्ले उतना ही स्मूद होगा जो कि बेहतर व्यूइंग एक्सपीरियंस देगा। हालांकि डाउनलोडेड वीडियो में यह फर्क आपको कम नजर आएगा लेकिन जब आप वीडियो को स्ट्रीम करेंगे या फिर हैवी ग्राफिक्स वाले गेम खेलेंगे तो सप्ष्ट रूप से समझ में आ जाएगा।
क्या होगा नुकसान
ज़्यादा रिफ्रेश रेट वाले डिस्प्ले के थोड़े नुक्सान भी होते हैं। जैसे-
ज़्यादा बैटरी की खपत
कुछ ऐप्स और गेम्स 90 या 120 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट को सपोर्ट नहीं करते
हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले वाले फोन
साल 2019 में सबसे पहले वनप्लस ने अपने 7 सीरीज के साथ इसकी शुरुआत की थी और Oneplus 7 pro को लॉन्च किया था। इसके बाद Oneplus 7t और 7t pro, Nubia red magic 3s, Realme X2 Pro, Realme X 50 Pro, Oppo Reno 3 Pro और Poco X2 को भी हाई रिफ्रेश रेट वाली डिस्प्ले के साथ पेश किया गया।
वहीं 120 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट की बात करें तो सबसे पहले ASUS ने ROG 2 model में इसे पेश किया था। इसके बाद Samsung Galaxy S20, Galaxy S20 Plus और Galaxy S20 Plus Ultra में ये 120 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट वाला डिसप्ले है।
कौन सा रिफ्रेश रेट है फायदेमंद
अगर आप मोबाइल में सिर्फ कॉलिंग, मैसेजिं और वेब सर्फिंग करते हैं तो 60 हर्ट्ज वाला रिफ्रेश रेट काफी है। आप गेमिंग के लिए इस्तेमाल करते हैं तो 90 हर्ट्ज बेहतर है। वहीं आप हैवी गेम्स या ज़्यादा गेम खेलते हैं तो 120 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट वाली डिस्प्ले का फोन लें।


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