व्हाट्सएप ने कहा, यूज़र्स को परेशानी है तो छोड़ सकते हैं एप
व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी पर उठे सवाल।
व्हाट्सएप ने पिछले साल अपने यूज़र्स की प्राइवेसी का ध्यान रखते हुए एक एंड टू एंड एन्क्रिप्शन फीचर पेश किया था। जिसमें यूज़र्स की चैट, कॉल्स व सभी मीडिया पूरी तरह सिक्योर होने का दावा किया गया था। इसके अलावा व्हाट्सएप की पिछले साल से लागू हुई नई पॉलिसी के तहत एप यूज़र का डाटा फेसबुक के साथ शेयर करती है।

इस नई पॉलिसी से कई यूज़र्स को आपत्ति थी। उनका कहना था कि फेसबुक के साथ डाटा शेयर करने से यूज़र्स की निजी जानकारी गलत हाथों में लग सकती है। इस पर अब व्हाट्सएप ने कहा है कि जो भी यूज़र्स इसे सेफ नहीं समझते हैं वो एप का इस्तेमाल बंद कर सकते हैं।
इसी को लेकर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि व्हाट्सएप के ऐसा करने से उनकी निजी बातचीज और अन्य जानकारियां किसी के भी हाथ लग सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट में दायर इस याचिका में यह भी कहा गया है कि फेसबुक और व्हाट्सएप पर डेटा सुरक्षित नहीं है और यह देश के संविधान के आर्टिकल 21 का उल्लंघन है।
सुप्रीम कोर्ट ने पांच अप्रैल को व्हाट्सएप प्राइवेसी मामले में सुनवाई के लिए पांच जजों की कंस्टीट्यूशनल बेंच बनाने का फैसला किया था। इस मामले में व्हाट्सएप और फेसबुक को पहले ही नोटिस जारी हो चुका है।


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