भारत में एप्पल प्रोडक्ट इतने महंगे क्यों हैं?
एप्पल दुनिया की सबसे बड़ी टेक दिग्गज़ कंपनियों में से एक है इसके प्रोडक्ट अपनी प्रीमियम डिजाइन और अत्याधुनिक तकनीक के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, भारत में एप्पल प्रोडक्ट की कीमतें काफी अधिक होती हैं। यह उन उपभोक्ताओं की पहुंच से बाहर हो जाता है जिनके बजट में ये फिट नहीं बैठता। आइए जानते और समझते हैं कि भारत में एप्पल उत्पादों की कीमतें इतनी अधिक क्यों होती हैं।
आयात शुल्क का असल
एप्पल के प्रोडक्ट पर भारी आयात शुल्क लगाया जाता है, क्योंकि ये प्रोडक्ट विदेश से आयात किए जाते हैं। इस शुल्क में कस्टम ड्यूटी, आयात फीस और अन्य अतिरिक्त कर शामिल होते हैं। ये शुल्क उत्पादों की कीमत में काफी वृद्धि करते हैं। हालाकि अब भारत में भी एप्पल के उत्पाद बनने शुरु हो गए है लेकिन अभी भी ये विदेश से आयात किए जाते हैं।

बनाने की लागत
एप्पल के उत्पादों की मैन्यूफैक्चरिंग चीन और अन्य एशियाई देशों में किया जाता है। ये देश कम लागत पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का निर्माण कर सकते हैं। भारत में उत्पादन की लागत अधिक होने के कारण यहां पर बनने वाले एप्पल प्रोडक्ट भी महंगे हो जाते है इसीलिए भारत में बनने वाले आईफोन की कीमत में और बाहर से आयात होने वाले मॉडल की कीमत में कोई अंतर नहीं देखने को मिलता।
डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग खर्च
एप्पल उत्पादों के भारत में वितरण और विपणन के लिए अतिरिक्त खर्च होता है, अधिक खर्च का मतलब दूसरे स्मार्टफोन निर्माताओं के मुकाबले डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग में कंपनी ज्यादा खर्च करती है। इसमें भारत भर में डिस्ट्रीब्यूटरों और रिटेलरों की लागत, विज्ञापन और प्रचार की लागत शामिल है।
करेंसी एक्सचेंज दर का असर
चूंकि एप्पल उत्पादों का निर्माण अमेरिका या चीन में होता है इसलिए करेंसी एक्सचेंज दर का भी इनकी कीमत पर प्रभाव पड़ता है। भारतीय रुपये की कमजोर एक्सचेंज दर एप्पल उत्पादों की कीमतों को और अधिक बढ़ा देती है।
सर्विस एंड सपोर्ट कीमत
एप्पल उत्पादों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सर्विस और सपोर्ट भी प्रदान किया जाता है। इसकी लागत भी उत्पाद की कीमत में जुड़ जाती है। एप्पल स्टोर और सर्विस सेंटर को खोलना और उसे ऑपरेट करना भी महंगा पड़ता है।
भले ही एप्पल के उत्पाद प्रीमियम हैं और उनमें शानदार तकनीक शामिल है, लेकिन भारत में उनकी कीमतें उपभोक्ताओं के लिए काफी महंगी हैं इसी वजह से एप्पल के मुकाबले भारत में एंड्रायड यूजर्स काफी ज्यादा है। कारण इसमें कई तरह के टैक्स, डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग खर्च, सेवा लागत के अलावा कई दूसरे खर्च शामिल है।


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