आखिर फेसबुक ने अपना नाम बदलकर मेटा क्यों रखा, जानिए वजह
कनेक्ट इवेंट 2021 में, सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक (Facebook) का नाम बदलकर मेटा (Meta) करने की घोषणा की हैं। हालांकि यूजर्स को ध्यान देना चाहिए कि नाम सिर्फ मुख्य कम्पनी का बदला गया है न कि उनके प्रोडक्ट जैसे कि इंस्टाग्राम, फेसबुक ऐप, मैसेंजर, व्हाट्सएप का। तो ये सभी आगे भी इसी नाम से मौजूद रहेंगे।

लेकिन अब लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार जुकरबर्ग ने फेसबुक का नाम बदलकर मेटा क्यों कर दिया?
दुनिया भर के यूजर्स नाम परिवर्तन पर गदगद हो रहे हैं और जानना चाहते हैं कि कंपनी ने अचानक नाम बदलने का फैसला क्यों किया। इस पर CEO मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि वह चाहते हैं कि लोग कंपनी को सोशल मीडिया लेजेंड के रूप में नहीं बल्कि "मेटावर्स" (Metaverse) के रूप में जानें।
Facebook को Meta में क्यों बदला गया?
वर्चुअल इवेंट के दौरान सीईओ मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने कहा कि कंपनी भविष्य में क्या करना चाहती है, इसको रिप्रेजेंट करने के लिए फेसबुक नाम सीमित है। उन्होंने आगे इस बात पर प्रकाश डाला कि मेटा न केवल सामान्य फेसबुक सर्विसेज और व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और अन्य जैसे ऐप का रिप्रेजेंट करेगा, बल्कि अर्गमेंटेड और वर्चुअली रियालिटी प्रोडक्ट पर काम करेगा।
जुकरबर्ग ने कहा कि मेटा नाम "हम कौन हैं और हम क्या बनाने की उम्मीद करते हैं" को दर्शाता है। "समय के साथ, मुझे उम्मीद है कि हमें एक मेटावर्स कंपनी के रूप में देखा जाता है," उन्होंने आगे कहा।
"अब से, हम पहले मेटावर्स होने जा रहे हैं, पहले फेसबुक नहीं ... मुझे उम्मीद है कि लोग मेटा ब्रांड और भविष्य के बारे में जानेंगे जिसके लिए हम खड़े हैं," उन्होंने यह भी कहा।
मेटा का क्या मतलब है?
बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि मेटा (Meta) का मुख्य रूप से क्या मतलब है। नया फेसबुक नाम मेटा मूल रूप से मेटावर्स शब्द से गढ़ा गया है, एक ऐसा शब्द जिसे पहली बार लगभग तीन दशक पहले एक डायस्टोपियन उपन्यास में पढ़ा गया था।
हाल ही में, मेटावर्स शब्द ने सिलिकॉन वैली में खूब आकर्षण प्राप्त किया है। इस उम्र में मेटावर्स का उपयोग करने का मुख्य विचार एक साझा वर्चुअल स्पेस बनाना है, जिसे दुनिया भर के लोग विभिन्न डिवाइसों का इस्तेमाल करके एक्सेस कर सकते हैं।


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