मार्केट से क्यों बाहर हो गए थे नोकिया के फोन? ये है 5 बड़ी वजह

Written By:

करीब 10 साल बाद दोबारा नोकिया इंडियन हैंडसेट मार्केट में एंट्री लेने जा रहा है। पिछली बार की तरह नोकिया कंपनी को इंडियन यूजर्स से इस बार भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। पिछले दौर में नोकिया काफी सक्सेस रहा था और डिमांड इतनी की हर घर में कम से कम एक नोकिया 3310 हुआ करता था। उस दौर में यूजर्स के बीच ये मोबाइल इतना पॉपुलर था कि कंपनी के 3310 रिलॉन्च को भी यूजर्स ने हाथोंहाथ लिया है। लेकिन टेक्नॉलोजी अपडेट न हो तो वो ट्रेंड के बाहर हो जाती है। ऐसा ही कुछ नोकिया के साथ भी हुआ था। नोकिया के इंडियन मार्केट से बाहर होने की ये पांच बड़ी वजह थीं।

मार्केट से क्यों बाहर हो गए थे नोकिया के फोन? ये है 5 बड़ी वजह

लेटेस्ट टेक अपडेट पाने के लिए लाइक करें हिन्‍दी गिज़बोट फेसबुक पेज

यूजर्स डिमांड समझने में देरी-

इंडिया के हर घर में अपनी धाक जमा लेने के बाद नोकिया के फोन का पूरी तरह गायब हो जाना इस बात का सुबूत है कि नोकिया ने यूजर्स की डिमांड को समझने में देर कर दी। जहां बाकी सारी कंपनियां उस दौर में 2जी, 3जी मोबाइल लॉन्च कर रही थीं, नोकिया की तरफ से ऐसी कोई पहल नहीं की गई। यूजर्स नोकिया के हाथ से निकलकर माइक्रोमैक्स, सैमसंग और एलजी जैसी कंपनियों के पास पहुंच गए।

नो प्लान-

नोकिया के फोन को यूजर्स से जिस तरह का रिस्पॉन्स मिला था, कंपनी उस दौर में स्मार्टफोन पेश करती तो उन्हें भी लोगों को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिलता, लेकिन कंपनी की कोई प्लानिंग नहीं थी। नोकिया फीचर फोन में ही उलझा रहा और बाकी कंपनी स्मार्टफोन के साथ मार्केट पर कब्जा करने में सफल रहीं।

नोकिया vs सैमसंग-

इंडिया में थ्रीजी टेक्नॉलोजी आते ही सैमसंग ने कम दाम में कई स्मार्टफोन लॉन्च किए। ये वो दौर था, जब लोग स्मार्टफोन से रूबरू हो रहे थे, जिसका फायदा सैमसंग ने अच्छी तरह उठाया और बेहद सस्ते फोन बनाए। इस समय नोकिया इंडियन हैंडसेट मार्केट से लगभग गायब हो चुका था।

मार्केट कॉम्पिटीशन-

जब इंडिया में नोकिया और सैमसंग के बाद कई सारी कंपनियों ने एंट्री ली, तो यूजर्स भी बंटने लगे। यूजर्स के पास कम कीमत में बेहतर से बेहतर स्मार्टफोन खरीदने के लिए कई विकल्प थे। तब सैमसंग ने यूजर्स को अपने फोन के जरिए इंगेज रहा, लेकिन नोकिया तब पूरी तरह से फेल रहा। तब जहां बाकी कंपनियां एंड्रॉइड फोन ला रही थीं, वहीं नोकिया ने विंडो फोन एक्सपेरिमेंट किया जो यूजर्स को पसंद नहीं आया।

प्राइस कॉम्पिटीशन-

नोकिया ने विंडो फोन के साथ कमबैक की कोशिश की, लेकिन यूजर्स ने उन फोन को नकार दिया। इसका बड़ा कारण ये भी था कि तब बाकी कंपनी 2 से 3,000 के बीच स्मार्टफोन लॉन्च कर रही थीं, वहीं नोकिया के फोन की कीमत बहुत ज्यादा थी। नोकिया के विंडो फोन को यूजर्स ने पूरी तरह नकार दिया। अब कंपनी फिर से 3310 फीचर फोन और स्मार्टफोन के जरिए कमबैक करने की कोशिश में है और नोकिया को इंडियन यूजर्स से काफी उम्मीदे हैं।


लेटेस्ट टेक अपडेट पाने के लिए लाइक करें हिन्‍दी गिज़बोट फेसबुक पेज



English summary
Why the popular handset company Nokia lost the Indian handset market here is the reason.
Please Wait while comments are loading...
Gujarat Assembly Election 2017: गुजरात में 6 बूथों पर दोबारा मतदान खत्म, जिग्नेश मेवाणी ने कहा-एग्जिट पोल बकवास है
Gujarat Assembly Election 2017: गुजरात में 6 बूथों पर दोबारा मतदान खत्म, जिग्नेश मेवाणी ने कहा-एग्जिट पोल बकवास है
क्लासरूम में संबंध बना रहे थे छात्र-छात्रा को छुपकर देखने की मिली दर्दनाक सजा
क्लासरूम में संबंध बना रहे थे छात्र-छात्रा को छुपकर देखने की मिली दर्दनाक सजा
Opinion Poll

Social Counting

पाइए टेक्नालॉजी की दुनिया से जुड़े ताजा अपडेट - Hindi Gizbot