Xiaomi का गिरता साम्राज्य: क्यों ग्राहकों का भरोसा नहीं जीत पा रही कंपनी, मार्केट शेयर लगातार आ रहा नीचे
कभी भारत के स्मार्टफोन बाजार पर राज करने वाली Xiaomi का मार्केट शेयर 2022 में 17 प्रतिशत था, जो अब घटकर 12 प्रतिशत रह गया है। शाओमी को दूसरी कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है।
IDC के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2024 में शाओमी को वीवो, सैमसंग, ओप्पो, एपल, रियलमी और Motorola जैसी कंपनियों से कड़ी टक्कर मिली। शाओमी के लगातार गिरते मार्केट शेयर की क्या वजह है और कंपनी फ्यूचर में अच्छा करने के लिए क्या गुणा-गणित लगा रही है। आइए जानते हैं।

ऑफलाइन बिक्री और इन्वेंट्री संकट
IDC की रिसर्च मैनेजर उपासना जोशी के अनुसार, ऑफलाइन चैनल में वीवो, ओप्पो और सैमसंग से मिल रही चुनौती और पुरानी इन्वेंट्री के कारण Xiaomi को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। शाओमी का सब-ब्रांड POCO जो जनवरी 2024 में तीसरे स्थान पर था, वह भी कंपनी को ज्यादा सहारा नहीं दे पा रहा है।
Xiaomi की प्रीमियम सेगमेंट में उतरने की कोशिश भी अब तक नाकाम साबित हुई है। कंपनी का फोकस अब भी 10,000-12,000 रुपये के बजट सेगमेंट पर है। इसके अलावा, ऑनलाइन चैनल पर भी मोटोरोला जैसी कंपनियां Xiaomi को कड़ी टक्कर दे रही हैं।
ब्रांड पोजिशनिंग में कन्फ्यूजन
इंडस्ट्री विशेषज्ञ अजय शर्मा का कहना है कि Xiaomi अब तक अपने ब्रांड पोजिशनिंग को लेकर असमंजस में है। पहले यह मास-मार्केट ब्रांड के रूप में जानी जाती थी, लेकिन अब इसे Apple की तरह एक प्रीमियम ब्रांड बनाने की कोशिश की जा रही है। उनका मानना है कि 7,000 रुपये से 1 लाख रुपये की रेंज में किसी ब्रांड का सफल होना मुश्किल है, सिवाय Samsung के।
मैनेजमेंट में बदलाव
नवंबर में कंपनी के प्रेसिडेंट मुरलीकृष्णन बी के इस्तीफे और सुधिन माथुर को चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर नियुक्त करने के बाद Xiaomi के प्रबंधन में उथल-पुथल देखने को मिली। इसके अलावा, हाल ही में संदीप सिंह अरोड़ा को चीफ बिजनेस ऑफिसर बनाया गया है। ''यह खबर मनीकंट्रोल के हवाले से लिखी गई है''।


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