अगले 6 महीने में 6 हजार स्टेशनों पर यात्रियों को मिलेगी Wi-Fi की सुविधा
वाई-फाई हमारे लिए काफी सहायक है। हमें हर जगह इसकी जरुरत होती है, लेकिन कई ऐसी जगह है जहां आपको वाई-फाई मिलना थोड़ा मुश्किल हो जाता है, जिनमें से एक जगह होती है रेलवे स्टेशन। बता दें,सरकार डिजिटल तकनीक को काफी बढ़ावा दे रही है, उसी डिजिटल तकनीक को आगे बढ़ाते हुए अब सफर करते यात्री रेलवे स्टेशन में भी वाई-फाई का इस्तेमाल कर सकेंगे।

6,000 स्टेशन पर वाई-फाई
रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि अगले छह महीनों में देश के करीब 6,000 रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा यात्रियों को दी जाएगी। 'स्मार्ट रेलवे सम्मेलन' को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि रेलवे स्मार्ट परियोजनाओं को लागू करने पर ध्यान दे रहा है। जिसमें वाई-फाई की सुविधा को भी जोड़ा गया है। रेलवे स्टेशन पर वाई-फाई की सुविधा लगने से यात्रियों को काफी फायदा भी पहुचेगा। उतना ही नहीं, रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने सम्मेलन में रेलवे के विकास को लेकर और भी कई बातों को साफ किया। साथ ही यात्रियों पर पड़ने वाले बोझ को भी कम करने की बात कही गई बता दें, इस सम्मेलन का आयोजन फिक्की ने किया।
क्या है रेलमंत्री का कहना
सम्मेलन को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि हमारा विश्वास है कि यदि हमें डिजिटल तकनीक का अधिकतम लाभ उठाना है, तो हमें देश के सूदूरतम इलाके में तकनीक तक पहुंच सुनिश्चित करनी होगी। रेलवे अपने नेटवर्क में उपलब्ध ऑप्टिकल फाइबर के अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहा है। हमें उम्मीद है कि अगले छह से आठ माह में सभी रेलवे स्टेशन, लगभग 6,000 स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल ने स्मार्ट तरीके से सोचना, योजना बनाना और काम करना शुरू कर दिया है। 'मेरा मानना है कि यही वो बदलाव है जो आपने पिछले चार साल में महसूस किया है।' रेलों के समय पर चलने के बारे में गोयल ने कहा कि एक अप्रैल से अब तक रेलों का समय पालन बेहतर होकर 73-74% हो गया है। रेलवे ने अब स्टेशन मास्टर द्वारा हाथ से भरी जाने वाली समयसारिणी की व्यवस्था को बंद कर दिया है। अब इसे कंप्यूटरीकृत आंकड़ों से तैयार किया जाता है।
हर इंजन में लगेंगे जीपीएस सिस्टम
रेलमंत्री पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि हम हर इंजन पर जीपीएस लगाने की दिशा में काम कर रहे हैं, ताकि हर रेल की वास्तविक समय में जानकारी मोबाइल फोन पर मिल सके। इससे काफी आसानी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि रेलवे हर साल दो अरब डॉलर की बचत करने की दिशा में भी काम कर रहा है, नहीं तो इसका बोझ भी यात्रियों पर ही पड़ता। इसके लिए वह अपने कामकाज को अधिक दक्ष बना रहा है।मंत्री ने ट्रेनों को समय से चलाने पर जोर दिया और कहा कि स्टेशन मास्टर द्वारा हाथ से भरी जाने वाली समय सारिणी की व्यवस्था को बंद करने के कारण एक अप्रैल से 28 अगस्त तक रेलों का समय पालन 73-74 फीसदी तक सुधार किया गया है।


Click it and Unblock the Notifications








