World Photography Day: 19 अगस्त को क्यों मनाया जाता है, पढ़िए पूरा इतिहास
आज वर्ल्ड फोटोग्राफी डे है। आज के दिन यानि हर साल 19 अगस्त को वर्ल्ड फोटोग्राफी डे मनाया जाता है। अगर आप तस्वीरें खींचने या फोटोग्राफी करने के शौकिन हैं तो आपको आज के दिन के बारे में मालूम होगा और आपके लिए आज का दिन काफी खास भी होगा।
17वीं शताब्दी में पहली बार कैमरा का हुआ अविष्कार
एक जमाना था जब कैमरा नाम की कोई चीज भी नहीं थी। 17th सेंचुरी में सबसे पहले Johann Zahn ने कैमरा की खोज की और फिर धीरे-धीरे अलग-अलग वैज्ञानिकों ने कैमरा को बेहतर बनाना शुरू कर दिया है। 19वीं शताब्दी तक कैमरा दुनियाभर के खास लोगों के घरों में तो आ गया लेकिन आम और साधारण लोगों को तब भी एक फोटो क्लिक करवाने के लिए कई किमी. दूर जाना पड़ता था और बहुत पैसा भी खर्च करना पड़ता था।
अब घर-घर में कैमरा मौजूद
अब 21वीं शताब्दी में ऐसा नहीं है। अब कैमरा आम से भी आम लोगों के घर में आ चुका है। अगर उनके पास कैमरा नहीं है तो कैमरा वाला फोन है, जिसमें बेहतरीन कैमरा सेटअप दिए जाते हैं। इस तरह से कैमरा अब लगभग हर इंसान के पास है और फोटोग्राफी के बारे में सभी का जानकारी है। फोटो खींचना अब पहले जैसा मुश्किल काम नहीं रहा है।
फोटोग्राफर्स का कमाल
फोटोग्राफर्स ने दुनियाभर में हुए ऐसी कई घटनाओं को अपने कैमरे में कैद किया है, जो हमेशा के लिए यादगार बनी रहेगी। साल, दस साल, सौ साल, हजार साल बाद भी फोटो खींचने वाले भी नहीं रहेंगे और खिंचवाने वाले भी नहीं रहेंगे लेकिन अभी क्लिक की गई तस्वीर और क्लिक करवाई गई तस्वीर 1000 साल बाद भी देखी जाएगी। इन्हीं फोटोग्राफर्स और फोटोग्राफी को प्रोतसाहित करने के लिए आज का दिन यानि 19 अगस्त को समर्पित किया गया है। आइए हम आपको बताते हैं कि वर्ल्ड फोटोग्राफी डे के पीछे की कहानी क्या है...!
फोटोग्राफी दिवस का मकसद
वर्ल्ड फोटोग्राफी डे यानि विश्व फोटोग्राफी दिवस का मकसद दुनियाभर के लोगों ने फोटोग्राफी के प्रति जागरुकता पैदा करने, फोटोग्राफी में लोगों की रुचि को बढ़ाना, फोटोग्राफी के क्षेत्र में युवाओं को अपना करियर बनाने के लिए प्रोतसाहित करना है। विश्व फोटोग्राफी दिवस उन लोगों के नजर में फोटोग्राफी का महत्व बढ़ाएगा जो इसे कम महत्व देते हैं।
विश्व फोटोग्राफी दिवस की शुरुआत
वर्ल्ड फोटोग्राफी डे की शुरुआत आज से करीब 181 साल पहले हुई थी। 9 जनवरी, 1839 के दिन फ्रांस में वर्ल्ड फोटोग्राफी डे के घोषणा होने की शुरुआत हुई थी। दुनिया की पहली फोटोग्राफी प्रक्रिया डॉगोरोटाइप को माना जाता है। इस प्रक्रिया का आविष्कार जोसेफ नाइसफोर और लुइस डॉगेर ने किया था, जो कि फ्रांस के थे।
फ्रांस सरकार ने 19 अगस्त 1839 को इस फोटोग्राफी प्रकिया की घोषणा की और उसी दिन से 19 अगस्त को वर्ल्ड फोटोग्राफी डे यानि विश्व फोटोग्राफी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। इस तरह से धीरे-धीरे कैमरा बेहतर बनना लगा।
दुनिया की पहली सेल्फी का इतिहास
वहीं सेल्फी की बात करें अमेरिका के रॉबर्ट कॉर्नेलियस को फोटो से काफी प्यार था और वो ही दुनिया के पहली सेल्फी क्लिक करने वाले इंसान बने थे। रॉबर्ट ने साल 1839 में दुनिया की पहली सेल्फी ली थी। हालांकि उस खुद से अपनी तस्वीर लेने वाली फोटोग्राफी को सेल्फी का नाम नहीं मिला था। अब इसे सेल्फी कहा जाता है और अच्छी सेल्फी कैमरा वाला स्मार्टफोन लगभग सभी लोग खरीदना चाहते हैं।


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