यू-ट्यूब पर से रोक हटाओ, 'यू ट्यूब : प्वाइंटलेस बैन'

पाकिस्तान के एक प्रमुख दैनिक ने पाकिस्तान में यू-ट्यूब पर लगी पाबंदी को गुरुवार को हटाने की मांग की और इसे एक हास्यास्पद प्रतिबंध करार देते हुए इसपर आश्चर्य जताया। समाचार पत्र 'डान' ने अपने संपादकीय लेख 'यू ट्यूब : प्वाइंटलेस बैन' में कहा कि पाकिस्तान में यू-ट्यूब पर प्रतिबंध लगे तीन साल बीत गए। सितंबर 2012 में एक फिल्म की एक क्लिप यू-ट्यूब पर आने के बाद सरकार ने इसे ईशनिंदक बताकर रोक लगा दी थी।
लेख के मुताबिक, "तब से लेकर अब तक मामले में कोई प्रगति नहीं हुई। सरकार के विभिन्न महकमे ने मुद्दे के समाधान का वादा किया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। उच्च न्यायालय में भी मामला गया, लेकिन सब निष्फल रहा।"
नेशनल एसेंबली ने पाबंदी हटाने के लिए बीते साल छह मई को एकमत से एक प्रस्ताव पारित किया और मंगलवार को सूचना प्रौद्योगिकी पर सीनेट स्टैंडिंग कमेटी ने भी यू-ट्यूब पर से पाबंदी हटाने का निर्देश दिया। संपादकीय के मुताबिक, "क्या यह सब पाबंदी हटाने के लिए पर्याप्त होगा? लोग इस बात पर आश्चर्य जता रहे हैं कि यह मामला आखिर कहां तक जाएगा या सरकार द्वारा लगाए गए इस हास्यास्पद प्रतिबंध को हटाने के लिए किस स्तर पर आम सहमति तक पहुंची जा सकती है।"
लेख में कहा गया, "ऑनलाइन सामग्री पर पूरी तरह नियंत्रण करना बिल्कुल असंभव होगा और ऐसा करने का प्रयास निर्थक है। इसका एक बेहतर रास्ता उपयोगकर्ताओं को इस बात से शिक्षित करना होगा कि वे सुरक्षित सर्फिंग कैसे करें।" संपादकीय के मुताबिक, "सीनेट स्टैंडिंग कमेटी के निर्देश के मद्देनजर, यू-ट्यूब पर लगी पाबंदी को हटानी की संभावना बढ़ गई है।


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