भविष्‍य के स्‍मार्टफोन में आ सकती हैं ये 6 तकनीकियां

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    अगर आप आज से दस साल पहले की तकनीकी पर गौर फरमाएं तो देखेंगे कि आज की अपेक्षा में उन दिनों कुछ नहीं था। लोग हाई कैपीसिटी वाले स्‍मार्टफोन का इस्‍तेमाल नहीं करते थे और न ही वो इंटरनेट का इस्‍तेमाल इतना ज्‍यादा करते थे। लेकिन इन दिनों इंटरनेट के बिना जीवन मुश्किल हो गया है। हर काम के लिए इंटरनेट और स्‍मार्टफोन पर निर्भरता बहुत ज्‍यादा बढ़ गई है।

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    ऐसे में इस दिशा में दिनों-दिन तेजी से नए प्रयास किए जा रहे हैं और तकनीकी को बेहद उन्‍नत बनाया जा रहा है। आने वाले समय में इस प्रकार की तकनीकी आ जाएगी जो जीवन को सरल बनाने में मददगार साबित होगी। डालिए इन तकनीकियों पर एक नज़र:

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    इलेक्‍ट्रोवाइब्रेशन टेक्‍नोलॉजी

    इलेक्‍ट्रोवाइब्रेशन टेक्‍नोलॉजी, मोबाइल टचस्‍क्रीन एक्‍सपीरियंस को बिल्‍कुल बदल देगा। इस तकनीकी के जरिए आप अपनी स्‍क्रीन पर ही हाथ को फेरकर आसानी से उसके टेक्‍सचर को महसूस कर पाएंगे। कयास लगाया जा रहा है कि इसके बाद से ऑनलाइन खरीददारी में क्रांति आ जाएगी। खासकर कपड़ों की खरीददारी में लोगों द्वारा इसे खासा पसंद किया
    जाएगा।

    इस संदर्भ डिज्‍़नी रिसर्च द्वारा लगातार अध्‍ययन किया जा रहा है ताकि लोगों को उनकी मोबाइल की स्‍क्रीन पर टेक्‍सचर को फील कराया जा सकें। उम्‍मीद है इस साल के अंत तक इस प्रकार की तकनीकी आ सकती है।

    स्‍पीच-टू-स्‍पीच ट्रांसलेशन

    ऐसी डिवाइस की लांचिंग का वीडियो हाल ही में वायरल हुआ है लेकिन किसी ने अभी तक इसका इस्‍तेमाल प्रत्‍यक्ष नहीं किया है। हालांकि, गूगल ट्रांसलेट में ऐसी सुविधा आ गई है कि आप छोटे से शब्‍द को बोलें, तो वो ट्रांसलेट हो जाता है। लेकिन लम्‍बे वाक्‍यों के लिए अभी तक कोई तकनीकी इज़ाद नहीं हुई है। ऐसे में इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

    ब्रेन कम्‍प्‍यूटर इंटरफेस

    हर विचार की एक ब्रेनवेब पैटर्न हमारे दिमाग में बन जाती है। इसलिए, दो इलेक्ट्रिकल सिग्‍नल कभी भी एक समान नहीं होते हैं। ये यूनिक इलेक्ट्रिक सिग्‍नल, विशेष कमांड को कैरी करते हैं और इन्‍हीं से पहचाने जाते हैं। उम्‍मीद है कि आने वाले समय में स्‍मार्टफोन को ब्रेन-कम्‍प्‍यूटर इंटरफेस के साथ रेडी किया जाएगा, जिससे वो ब्रेन को रीड करके उस हिसाब से कमांड को सेट करेगा। भविष्‍य में आने वाली यह तकनीकी कई अनोखे इंटरफेस के साथ लांच होगी।

    वायरलेस स्‍पीडी चार्जिंग

    अगर आप किसी भी स्‍मार्टफोन यूजर से सबसे बड़ी समस्‍या पूछते हैं तो आप जबाव पाएंगे कि बैट्री को दिन में दो बार चार्ज करना पड़ता है। साथ ही इसे चार्ज करने में लगने वाला समय बहुत ज्‍यादा है।

    ऐसे में टेक साइंटिस्‍ट अब इस डायरेक्‍शन में काम करने की शुरूआत कर चुके हैं और वायरलेस व फास्‍ट चार्जिंग देने वाले चार्जर और उन्‍हें सर्पोट करने वाले स्‍मार्टफोन बनाने लगे हैं। 2017 के अंत तक ऐसे स्‍मार्टफोन, मार्केट में आत हो जाएंगे और लोगों की बैट्री सम्‍बंधी शिकायत दूर हो जाएगी।

     

    लचीले और कलाई में पहने जा सकने वाले फोन

    सुनकर अजीब सा लगता है कि ऐसा कैसे हो सकता है। लेकिन ऐसी तकनीकी जल्‍द ही दस्‍तक देगी जिसमें आप अपने स्‍मार्टफोन को फोल्‍ड करके अपनी कलाई में बांध सकते हैं या जेब में रख सकते हैं। इन फोन में लचीलापन बहुत ज्‍यादा होगा और उनके टूटने का डर भी नहीं रहेगा।

    इस प्रकार के फोन में Organic Light Emitting Diode (OLED) तकनीकी का इस्‍तेमाल किया जाएगा।

     

    ऑग्‍मेंटेटड रियलिटी

    आने वाले समय में एआर यानि ऑग्‍मेंटेड रियलिटी पर काम किया जाएगा। इस तकनीक के माध्‍यम से सेंस; खासकर देखने को साउंड, ग्राफिक्‍स आदि के माध्‍यम से अधिक वास्‍तविक बनाने का प्रयास किया जाएगा। अब देखना ये है कि ये तकनीक कितनी सहज होती है और यूजर्स इनके बारे में क्‍या फीडबैक देते हैं।
    रिसर्चर की मानें तो आने वाले समय में तकनीकी बहुत उन्‍न्‍त हो जाएगा, जिसके बारे में आज के समय में सोचा भी नहीं जा सकता है।


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    English summary
    Technology makes us curious, and the smartphone revolution has taken technological innovation to dizzying heights.
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