अब "रोबोट मित्र" करेगा कोरोना वायरस का इलाज, संक्रमण से बचेंगे स्वास्थ्य कर्मी
कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचा रखा है। इस वायरस की वजह से पूरी दुनिया के लोग अपने-अपने घरों में बंद है । भारत में भी पिछले एक-डेढ़ महीने से लॉकडाउन लगाया गया है। हालांकि जो कोविड-19 से संक्रमित लोग हैं, उनका इलाज करने वाले डॉक्टर्स और नर्स भी इस बीमारी से संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में डॉक्टर्स के लिए इलाज करना भी काफी मुश्किल और जानलेवा काम हो गया है।

ऐसे में बैंगलोर के बनरगट्टा स्थित Fortis Hospital ने एक बेहतरीन तरीका अपनाया है। उन्होंने अपने हॉस्पिटल में लोगों का इलाज करने के लिए Robot Mitra का इंतजाम किया है। उस हॉस्पिटल ने दो रोबोट के जरिए इलाज की व्यवस्था करके एक बढ़िया नमूना पेश किया है।
COVID-19 का रोबोट करेगा इलाज
COVID-19 के संक्रमण से स्वास्थ्य कर्मियों को बचाने और जांच प्रकिया को तेजी से करने के लिए इस अस्पताल में रोबोट मित्र से स्क्रीनिंग की व्यवस्था की है। इस अस्पताल में आने वाले सभी डॉक्टर्स समेत तमाम स्वास्थ्य कर्मियों और मरीजों की रोबोट मित्र के द्वारा स्क्रीनिंग कराई जाती है।
इस अस्पताल में दो रोबोट मित्र है। इस अस्पताल में कोई व्यक्ति जब जाता है तो उसे पहले रोबोट मित्र के सामने जाना होता है और वो फेसियल और स्पीच रिकॉग्नाइजेशन की मदद से ऑटोमेटिक नेविगेशन करता है। इस शुरुआती स्क्रीन के जरिए रोबोट व्यक्ति के शरीर का तापमान और कोरोना वायरस के लक्षणों की जांच करता है, जैसे कि बुखार, खांसी और सर्दी। इस दौरान रोबोट मित्र व्यक्ति से उसकी सेहत के बारे में कुछ सवाल भी पूछता है। इस तरीके से कोरोना वायरस को स्वास्थ्य कर्मियों में संक्रमित होने से रोका जा रहा है।
अगर बीमार है तो दूसरे रोबोट के पास जाना होगा
अब अगर व्यक्ति के शरीर का तापमान सामान्य है यानि उसे बुखार नहीं है और खांसी, कफ़, सर्दी जैसी कोई शिकायत नहीं है तो उसे रोबोट एक एंट्री पास प्रिंट करके देगा, जिसमें उस व्यक्ति का नाम, उसकी फोटो होगी।
वहीं अगर किसी व्यक्ति को काफी तेज बुखार है या उसे खांसी, सर्दी, कफ़ जैसी कोई भी शिकायत हैं तो उसे स्क्रीनिंग टेस्ट के लिए फेल करार दिया जाएगा। इसके लिए भी उस व्यक्ति को उसके नाम और फोटो के साथ एक पास दिया जाएगा।
इस रोबोट के द्वारा की गई स्कीनिंग टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर व्यक्ति को अगले रोबोट के पास भेजा जाएगा। अगले रोबोट के जरिए उस व्यकित को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डॉक्टर्स से कनेक्ट किया जाएगा और डॉक्टर्स उस बीमार व्यक्ति से बिना कोई फिज़िकल कॉन्टेक्ट किए बिना उसकी जांच कर पाएंगे। इस तरह से डॉक्टर्स, नर्स समेत तमाम स्वास्थ्य कर्मी इस बीमारी के संक्रमण से बच सकते हैं।


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