भारत के सबसे बड़े दुश्मन आतंकी को चीन ने फिर बचाया, लोगों ने शुरू किया चीन का बहिष्कार

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आजकल भारत में सबसे ज्यादा चर्चा आतंकवाद के ऊपर हो रही है। 14 फरवरी, 2019 को आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के एक बड़े खाफिले पर आत्मघाती हमला किया था। इस हमले में 45 से भी ज्यादा सीआरपीएफ जवानों की मौत हो गई। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली, जिसका मुखिया मसूद अजहर है।

भारत के सबसे बड़े दुश्मन आतंकी को चीन ने फिर बचाया, लोगों ने शुरू किया चीन का बहिष्कार

 

भारत ने यूएन में एक बार फिर मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने की आवाज उठाई। जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने भारत का साथ दिया लेकिन चीन ने एक बार फिर अड़ंगा डाल दिया। चीन के इस अड़चन के बाद अब भारत में चीन का पूरी तरह से बहिष्कार करने आवाज उठने लगी है।

पुलवामा हमले भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया। भारतीय एयरफोर्स ने पाकिस्तान में एयरस्ट्राइक करके वहां मौजूद कई आतंकी लॉन्च पैड्स को तबाह कर दिया। जिसके बाद पाकिस्तानी एयरफोर्स ने भी हमला करने की कोशिश की लेकिन भारतीय सेना ने उसका मुंहतोड़ जवाब दिया।

चीन ने फिर मसूद को बचाया

इन सभी हालातों के बीच भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने की आवाज उठाई। भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी और पाकिस्तान सरकार पर भी कूटनीतिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस बार भारत के इस अगुवाई का साथ अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस समेत दुनिया के कई देशों ने दिया लेकिन चीन एक बार फिर मसूद अजहर को बचाने के लिए खड़ा हो गया। चीन ने अपनी वीटो पॉवर का इस्तेमाल करके मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचा लिया।

चीन का बहिष्कार

चीन के इस अड़ंगे की अमेरिका समेत कई देशों ने निंदा की है। वहीं अमेरिका ने एक तरह से चीन को धमकी देते हुए कहा कि, अगर चीन ने अपना रुख नहीं बदला तो और भी रास्ते हैं, उसका प्रयोग किया जाएगा। इधर भारत में भी लोग चीन को पूरी तरह से बॉयकॉट करने की मांग करने लगे हैं। भारत में कई नेता, अभिनेता समेत लोगों ने चीन के हर चीजों का बहिष्कार करना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन ट्विटर पर #BoycottChina, #BoyCottChineseProduct #BoycottChinaGoods, #BoycottChinaProduct #BoyCottChineseSmartphone ट्रेंड करने लगा।

 

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भारत में काफी सारे लोग चीन के सभी प्रॉडक्ट पर बैन लगाने की मांग कर रहे हैं। वहीं बहुत लोगों ने चीनी सामान का इस्तेमाल करना बंद भी कर दिया। सोशल मीडिया पर यह मुद्दा काफी चर्चा में है। ऐसे में अगर चीनी प्रॉडक्ट पर बैन लगता है तो सबसे ज्यादा प्रभाव गैजेट्स वर्ल्ड में ही पड़ेगा। गैजेट्स के ज्यादातर सामान चीनी ही होते हैं। भारत में इस्तेमाल किए जाने वाले कई स्मार्टफोन, टीवी, स्मार्ट टीवी, पॉवर बैंक, फिटनेस बैंड, स्मार्ट वॉच समेत कई वियरेबल आइटम्स भी मेड इन चाइना होते हैं। ऐसे में गैजेट वर्ल्ड पर इसका खासा प्रभाव पड़ेगा।

भारत में कई चीनी स्मार्टफोन कंपनियां

स्मार्टफोन की बात करें तो भारत में चीन की कई स्मार्टफोन कंपनियां रोजाना अपने नए-नए स्मार्टफोन लॉन्च करती है। इस वक्त भारत में स्मार्टफोन कंपनियों के नाम पर ज्यादातर नाम चीनी कंपनियों के ही होते हैं। इन कंपनियों में शाओमी, ओप्पो, वीवो, रियलमी, हॉनर, हुवावे, वनप्लस जैसी कई कंपनियां शामिल हैं। शाओमी कंपनी तो इस वक्त भारत में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली स्मार्टफोन कंपनी है। भारत में ज्यादातर लोगों के पास चीनी कंपनियों के स्मार्टफोन्स हैं। ऐसे में अगर चीनी प्रॉडक्ट्स का बहिष्कार हुआ तो सबसे ज्यादा असर भारत के स्मार्टफोन मार्केट में पड़ेगा। वहीं ऐसे में सैमसंग, एप्पल और एलजी जैसी कंपनियों को लिए भारत में बड़ा मार्केट फैलाना का मौका मिल जाएगा।

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बहराल, भारतीय यूजर्स चीनी स्मार्टफोन और चीन में बनने वाली तकनीकी चीजों को काफी पसंद करते हैं, लेकिन उससे भी ज्यादा आतंकवादियों से नफरत करते हैं। 45 से ज्यादा जवानों को मारने वाले आतंकी को बचाने वाले चीन को भारतीय लोग आर्थिक चोट पहुंचाने की तैयारी कर रही है। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि हम अपने देश और देश के जवानों से सबसे ज्यादा प्यार करते हैं। लिहाजा देश पर हमला करने वाले आतंकवादियों को बचाने वाले चीन का बहिष्कार करने के लिए हम तैयार हैं। ऐसे में अब देखना होगा कि क्या भारत सरकार बॉयकॉट चीन के मामले में कोई कठोर कदम उठाती है या नहीं।

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English summary
India once again raised the voices of declaring Masood Azhar as a global terrorist in the UN. In which the United States, Britain and France supported India, but China once again put a clamp down. After this bottleneck of China, the voice of outsourcing of China completely in India has started to sound. Let us give you complete information.
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