Statue of Unity का अनावरण, सोशल मीडिया पर छाई दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा
भारत एक सांस्कृतिक समृद्ध देश है। जिसे देखने लोग दूर देशों से यहां आते हैं। वहीं दुनिया के सात अजूबोंं में से एक अजूबा यानी ताजमहल भी भारत में ही है। आपने Statue of Liberty के बारें में बहुत सुना भी होगा और शायद देखा भी होगा, लेकिन अब आप उसी से मिलती जुलती और लगभग उससे दोगुनी प्रतिमा भारत में भी देख सकेंगे।

बता दें, सरदार वल्लभ भाई पटेल (Vallabhbhai Patel) की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' (Statue of Unity) का 31 अक्टूबर को अनावरण हो गया। उनकी 143वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भव्य समारोह में अनावरण किया था। लौह पुरुष माने जानें वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल की यह मूर्ति अमेरिका की 'स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी' से दोगुना ऊंची है।
जो भारत के लिए एक गर्व की बात है। पीएम मोदी ने कहा कि कौटिल्य की कूटनीति और शिवाजी के शौर्य के समावेश थे सरदार पटेल। उन्होंने कहा कि जब सबको लगता था कि देश ऐसे ही बिखरा रहेगा, ऐसे निराशा के दौर में सरदार पटेल ही आशा की किरण थे। अपनी ऊंचाई के कारण यह प्रतिमा अब दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति बन गई है।
किसने किया Statue of Unity का निर्माण
सरदार पटेल की इस प्रतिमा का निर्माण नोएडा के 92 वर्षीय शिल्पकार पद्मभूषण राम वी सुतार ने किया है। बता दें, सुतार ने अपने 40 साल के करियर में 50 से अधिक प्रतिमाओं को आकार दिया है। साल 2016 में सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित होने के अलावा वह 1999 में पद्मश्री भी प्राप्त कर चुके हैं।
उतना ही नहीं, सुनिश्चित करने के लिए कि प्रतिमा में पटेल का चेहरा वैसा ही दिखे जैसे वे असल में दिखते थे सुतार ने उनकी 2000 से अधिक तस्वीरों का अध्ययन किया था। सुतार ने उन इतिहासकारों से भी संपर्क किया जिन्होंने पटेल को देखा था। इन दिनों सुतार मुंबई के समुंदर में लगने वाली शिवाजी की प्रतिमा की डिजाइन भी तैयार करने में जुटे हैं।
महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि यह प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को भी पीछे छोड़ देगी और दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। बता दें, Statue of Unity लर्सन एंड टर्बो और राज्य सरकार के सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड ने 250 इंजीनियर, 3,400 मजदूरों की मदद से चार साल में निर्माण कराया है।
वहीं, प्रतिमा के निर्माण के लिए भारत ही नहीं चीन के भी शिल्पियों ने भी मदद की है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का कुल वजन 1700 टन है। इसकी ऊंचाई 522 फिट यानी 182 मीटर है। इसके पैर की ऊंचाई 80 फिट, हाथ की ऊंचाई 70 फिट, कंधे की ऊंचाई 140 फिट और चेहरे की ऊंचाई 70 फिट है। लार्सन एंड टुब्रो कंपनी ने बताया किया कि Statue of Unity विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है और महज 33 माह के रिकॉर्ड कम समय में बनकर तैयार हुई है। जबकि स्प्रिंग टेंपल के बुद्ध की मूर्ति के निर्माण में 11 साल का वक्त लगा था।
जानें खास बातें
प्रतिमा की आधारशिला 31 अक्तूबर, 2013 को पटेल की 138 वीं वर्षगांठ के मौके पर रखी गई थी। इसके लिये बीजेपी ने पूरे देश में लोहा इकट्ठा करने का अभियान भी चलाया था। Statue of Unity प्रतिमा को बनाने में 1,347 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जबकि सरकार ने 235 करोड़ रुपये प्रदर्शनी हॉल और सभागार केंद्र पर खर्च किए हैं।
बता दें, प्रतिमा का निर्माण कार्य पूरा होने के 15 साल तक रखरखाव के लिए 657 करोड़ रुपये किए जाएंगे। वहीं, 83 करोड़ रुपये पुल के निर्माण पर खर्च किये गये हैं। अगर आप सरदार वल्लभ भाई पटेल की इस प्रतिमा को देखना चाहतें हैं तो इसके लिए आपको 350 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। साथ ही परिसर में बस की सुविधा के लिए 30 रुपये और देने पड़ेंगे।
अगर कोई गैलरी में नहीं जाना चाहते हैं तो उन्हें 3 से 15 साल के बच्चों के लिए 60 रुपये और 15 साल से ऊपर के लोगों के लिए 120 रुपये की टिकट लेनी होगी। आप ऑनलाइन माध्यम से बुकिंग करवा सकते हैं। इसके लिए आप www.soutickets.in पर जाकर टिकट भी बुक करवा सकते हैं।

बता दें, चीन की स्प्रिंग टेंपल की 153 मीटर ऊंची बुद्ध प्रतिमा अब तक सबसे ऊंची मूर्ति होने मानी जाती थी। मगर Statue of Unity प्रतिमा ने चीन में स्थापित इस मूर्ति को दूसरे स्थान पर लाा दिया है। 182 मीटर ऊंचे 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का आकार न्यूयॉर्क के 93 मीटर उंचे 'स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी' से दोगुना है।
सरदार पटेल की इस मूर्ति को बनाने में करीब 2,989 करोड़ रुपये का खर्च आया है। कंपनी के मुताबिक, कांसे की परत चढ़ाने के आशिंक कार्य को छोड़ कर बाकी पूरा निर्माण देश में ही किया गया है। यह प्रतिमा नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कंपनी ने कहा कि रैफ्ट निर्माण का काम वास्तव में 19 दिसंबर, 2015 को शुरू हुआ था और चार साल में इसे पूरा कर लिया गया है।
वैली ऑफ फ्लॉवर का निर्माण
सरदार पटेल की प्रतिमा के साथ-साथ 250 एकड़ में यह वैली ऑफ फ्लॉवर को बनाया गया है। यहीं नहीं इसमें 100 से ज्यादा तरह के फूलों के पौधे लगाए गए हैं। साथ ही यहां आने वाले लोगों के लिए खास तौर पर टेंट सिटी भी बनाई गई है। इसमें 250 टेंट लगाए गए हैं, जहां खास तौर पर गुजराती और आदिवासी खाने से लेकर नृत्य का लुफ्त लोग उठा सकेंगे।
सोशल मीडिया प्रतिक्रियाएं
Statue of Unity प्रतिमा को लेकर सरकार के प्रति मिली जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों ने मोदी सरकार के इस कदम की खूब तारीफ की है। वहीं कुछ लोगों ने इसे जुमला भी बताया है। हालांकि इतना तो साफ है कि Statue of Unity के चलते भारत में tourism को काफी बढ़ावा मिलेगा। जो देश की अर्थव्यस्था को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।


Click it and Unblock the Notifications








