PUBG की वजह से 18 साल के लड़के ने की आत्महत्या

    PUBG का नाम तो आपने सुना ही होगा। सुने भी क्यों ना...? इस गेम ने साल 2018 में इतनी लोकप्रियता हासिल की है, जितना बाकी किसी दूसरे गेम ने नहीं की है। भारत समेत पूरी दुनिया में इस गेम की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन काफी तेजी से बढ़ती जा रही है। शहरों के साथ-साथ अब दूर-दराज के गांवों में भी इस गेम को चाहने वाले लोग बढ़ता जा रहे हैं। हालांकि जिस तरह से इस गेम की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है उसी तरह से इस गेम के कारण गलत और दु:खद ख़बरों का सिलसिला भी बढ़ रहा है।

    PUBG की वजह से 18 साल के लड़के ने की आत्महत्या

     

    PUBG की वजह से आत्महत्या

    आज इसी तरह की एक दु:खद ख़बर सामने आई है। जिसमें 18 साल के एक युवक ने पबजी ना खेल पाने की वजह से आत्महत्या कर ली। क्या आप यकिन कर सकते हैं कि कोई युवक सिर्फ पबजी गेम ना खेल पाने की वजह से आत्महत्या कर लें, लेकिन यह एक कड़वी हक़ीकत है। मुंबई के कुर्ला स्थित नेहरू नगर इलाके में रहने वाला 18 साल के एक लड़के ने अपने पंखे से लटककर अपने आप को फांसी लगा ली। दरअसल, इस लड़के के सर पर पबजी खेलने का भूत कुछ ज्यादा ही सवार हो गया था।

    यह भी पढ़ें:- जब पीएम मोदी ने पूछा, "ये PUBG वाला है क्या"...!

    दरअसल, इस लड़के ने अपने परिवार वालों को पबजी खेलने के लिए एक बढ़िया स्मार्टफोन खरीदने के लिए कहा था। युवक जिस स्मार्टफोन की मांग कर रहा था, उसकी कीमत करीब 37,000 रुपए है। मां-बाप इतने महंगे स्मार्टफोन को खरीदने में समर्थ नहीं थे। वो अपने बेटे को 20,000 रुपए तक का कोई स्मार्टफोन दिलाने की बात कर रहे थे, लेकिन लड़के को पबजी का मजेदार आनंद लेने के लिए सिर्फ 37,000 रुपए वाला महंगा और बढ़िया स्मार्टफोन ही चाहिए था।

    यह भी पढ़ें:- PUBG की इस ख़ास गुफा के बारे में आप जानते हैं...?

     

    इस बात से परेशान होकर लड़के ने आत्महत्या कर ली और अपनी जान दे दी। पुलिस ने फिलहाल आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया और आगे की जांच शुरू कर दी है। यह ख़बर सुनकर आपको काफी हैरानी हुई होगी। निश्चित तौर पर यह एक हैरान करने वाली दु:खद ख़बर है।

    मोबाइल वर्जन आने के बाद बढ़ी लोकप्रियता

    पबजी गेम पहले डेक्सटॉप पर खेला जाता था लेकिन जबसे इस गेम का मोबाइल वर्जन लॉन्च हुआ है, तभी से इस गेम को लोकप्रियता काफी बढ़ गई है। मोबाइल वर्जन की वजह से कोने-कोने तक इस गेम ने अपनी पहुंच बना ली है। एक आंकड़ों के मुताबिक पूरी दुनिया में 20 करोड़ से ज्यादा लोग इस गेम को खेल रहे हैं।

    2018 में इस गेम को सर्वश्रेष्ठ ऑनलाइन गेम का अवॉर्ड भी मिला है। यह गेम अब एक ऑनलाइन स्पोर्ट्स इवेंट बन चुका है। हाल ही पीएम मोदी ने भी अपने एक कार्यक्रम में इस गेम की चर्चा की थी। पिछले कुछ समय में इस गेम से संबंधित कई नकारात्मक ख़बरे भी सामने आ रही है। कुछ दिन पहले ही 11 साल के एक बच्चे ने भी सरकार को चिट्ठी लिखकर इस गेम को बंद करवाने की मांग की थी।

    PUBG का बुरा असर समझना जरूरी

    बहराल, इस गेम ने काफी लोकप्रियता हासिल की है, इसमें कोई शक नहीं है लेकिन इस गेम के कुछ नकारात्मक पहलू भी हैं। मसलन, बच्चे सोशल मीडिया और अपने दोस्तों के बीच में इस गेम के बारे में सुनते हैं और उसके प्रति अधिक आकर्षित होते हैं। अगर कोई दोस्त महंगे स्मार्टफोन में पबजी खेलकर अपना अनुभव शेयक कर रहा है, तो उस बच्चे को भी महंगे मोबाइल में पबजी खेलने की जिज्ञासा होगी। ऐसे में अगर माता-पिता इसका विरोध करें तो बच्चे इससे आहत होकर नासमझी में गलत कदम उठा लेते हैं।

    यह भी पढ़ें:- PUBG में मास्टर बनने के लिए इन टिप्स को करें फॉलो

    इसी तरह से पबजी या इस तरह के किसी भी अन्य गेम को खेलकर, देखकर बच्चों के दिमाग में हिंसा की प्रवृति भी जग रही है। जिस तरह से वो गेम में अलग-अलग हथियारों के बारे में सुनते, देखते और जानते हैं, उसका इस्तेमाल करते हैं, इससे उनके दिमाग पर एक गलत असर पड़ रहा है। जो भविष्य में बच्चों को गलत रास्ते में ले जा सकती है। लिहाजा इस मसले में हर माता-पिता, बच्चों और सरकार को भी कुछ सोचने की काफी जरूरत है।

    English summary
    PUBG has gained such popularity in 2018, as much as no other game has been done. However, due to this game, there is a growing trend of misleading news. A sad story of this kind has come out today. In which a 18-year-old man committed suicide due to not playing a game. Let us tell you about this whole incident.
    Opinion Poll

    पाइए टेक्नालॉजी की दुनिया से जुड़े ताजा अपडेट - Hindi Gizbot

    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Gizbot sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Gizbot website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more