Video: स्क्रैच, बैंड और जलाने के बाद, ऐसा हुआ Nokia 3 का हाल
HMD ग्लोबल ने इसी साल जून में Nokia 3 स्मार्टफोन लॉन्च किया था। कंपनी ने इस फोन को चीप एंड बेस्ट नोकिया सीरिज में पेश किया था। इस फोन में 5-इंच का एचडी डिसप्ले और 1.3-गीगाहर्ट्ज क्वाड-कोर मीडियाटेक MT6737 प्रोसेसर दिया है। फोन की इन बजट कीमत के चलते फोन को काफी पसंद किया गया है। खैर यहां हम आपको इस फोन के अग्नि परीक्षा से गुजरने के बाद क्या हाल हुआ ये बताएंगे।

नोकिया 3 का बर्न, स्क्रैच और बैंड टेस्ट-
आपने कई फोन के टियरडाउन देखें होंगे जिनमें फोन को खोलकर उसके सभी स्पेक्स और फीचर्स के बारे में बताया जाता है, लेकिन जाने-माने यूट्यूबर में से एक JerryRigEverything ने नोकिया 3 स्मार्टफोन को बर्न, स्क्रैच और बैंड टेस्ट में चैक किया। ये तीनों एक्सपेरिमेंट में नोकिया 3 हुआ इन या हो गया आउट यहां जानिए।
Scratch Test-
फोन में स्क्रैच होना आम बात होती है, क्योंकि फोन को कहीं भी रखने या गिरने या चाबियों और दूसरी नुकीली चीज के साथ रखने पर फोन में स्क्रैच आ जाते हैं। ये फोन स्कैच टेस्ट में कितना खरा उतरता है ये देखने के लिए इसे 5 लेवल स्क्रैच टेस्ट से गुजारा गया। लेवल 5 तक इस स्मार्टफोन पर स्क्रैच नहीं पड़े थे, लेकिन लेवल 6 पर फोन में स्कैच नजर आने लगे। इसके बाद फ्रंट कैमरा और स्पीकर ग्रिल्स स्क्रैच टेस्ट किया गया, जिसमें स्पीकर पर स्क्रैच देखने को मिले। फोन का बैक कैमरा प्लास्टिक कवर से प्रोटेक्टेड है, जिसके वजह से फोन के बैक कवर पर आसानी से स्क्रैच दिखने लगे। कुल मिलाकर फोन स्क्रैच प्रूफ बिल्कुल नहीं है। फोन को जहां भी स्क्रैच दिया गया, वहां स्कैच का निशान पड़ गया। फोन के कैपसिटिव बटन पर स्क्रैच का कोई असर नहीं पड़ा। अगर आप फोन खरीदने का सोच रहे हैं, तो ध्यान रखें कि इसे रफ यूज करना आपको मंहगा साबित होगा और अगर आपने ये फोन खरीद लिया है, तो इसे केयरफुली यूज करें।
Bend Test-
नोकिया 3 की दूसरा टेस्ट था बैंड टेस्ट यानी इसे मोड़कर देखा जाएगा कि क्या ये बीच से टूटता है, क्रैक होता है या इसकी स्क्रीन में किसी तरह का कोई मार्क बनता है। इस टेस्ट में यूट्यूबर ने पूरी जान लगाकर इस फोन को मोड़ने की कोशिश की, लेकिन फोन को कुछ फर्क नहीं पड़ा। इस टेस्ट के बाद भी फोन में कोई फर्क नहीं पड़ा और वह अच्छी तरह से काम करता दिखाई दिया। इन टेस्ट के बाद कहा जा सकता है कि नोकिया 3 को प्रोटेक्टिव केस की जरूरत नहीं पड़ेगी।
Burn Test-
नोकिया 3 का तीसरा और सबसे खतरनाक टेस्ट था बर्न टेस्ट। बता दें कि नोकिया 3 बर्न टेस्ट पास कर गया और फोन को जलाने पर कुछ भी फर्क नहीं पड़ा। इसके लिए फोन की स्क्रीन को लाइटर के जरिए एक ही जगह पर फ्लेम के साथ बर्न टेस्ट किया गया। फ्लेम हटाने पर स्क्रीन पर एक ब्लैक स्पॉट बन गया लेकिन वह कुछ सैकेंड के लिए ही था और फोन की स्क्रीन वापिस नॉर्मल हो गई। फोन के टच को बैंड और बर्न टेस्ट से कोई फर्क नहीं पड़ा। नोकिया 3 तीन में से दो टेस्ट सक्सेसफुली पास कर गया।


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