15 साल के बच्चे ने ढूँढ निकाला माया सभ्यता का राज
लगभग 2000 साल पहले माया सभ्यता का अस्तित्व था, जिसके अनुसार 2012 में पूरी दुनिया का अंत निश्चित था, लेकिन माया कैलेंडर के सभी हिस्से न होने के कारण अधूरे हिस्से के आधार पर निकाला गया यह निष्कर्ष गलत साबित हुआ और माया सभ्यता पर कई सवाल उठ खड़े हुए। लेकिन हाल ही में विलियम गाउडरी नामक एक बच्चे ने माया सभ्यता के बारे में ऐसी खोज की है कि वैज्ञानिक भी उसकी बात से सहमत नज़र आ रहे हैं।
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15 वर्षीय विलियम को तारों के बारे में जानने की रूचि थी और उसकी रूचि जिज्ञासा में बदल गई जब उसने देखा कि नक्षत्रों के अधिकांश तारे माया सभ्यता में दर्शाए गए तारों से मिलते जुलते हैं और तब से ही उसने खोज करने के लिए अपनी पद्धति का विकास किया। विलियम की इस खोज के बारे में जानिए कुछ अनोखी बातें:
1.
300 ईसापूर्व से 900 ईसापूर्व तक माया सभ्यता अस्तित्व में थी। यह काफी विकसित और आधुनिक सभ्यता थी जो नक्षत्रों पर आधारित थी। इस सभ्यता में ऐसा माना जाता है कि ग्रह और नक्षत्र हर दिन व्यक्ति की जिंदगी को बदल देते हैं। आधुनिक मशीनें, नक्षत्र के आधार पर बनने वाले कैलेंडर और कृषि करने के काफी उन्नत तरीकों का विकास इस सभ्यता में हो चुका था। लेकिन अब इस सभ्यता के अवशेष कम ही देखने को मिलते हैं या शायद हम उनकी खोज नहीं कर पाएं।
2.
विलियम ने माया कोडेक्स मैड्रिड में 22 नक्षत्रों की खोज की है और इन सभी नक्षत्रों को जोड़ते हुए एक मैप को बनाया और इस मैप को सही से समझने के बाद हर स्थान को पहचाना।
3.
इस खोज को करने के लिए विलियम ने किसी की मदद नहीं ली, बस कुछ सैटेलाइट इमेज और गूगल मैप को खंगाल लिया। इससे उसे काफी सहायता मिली और उन स्थानों को उसने खोज निकाला जो माया सभ्यता में दर्शाए गए थे।
4.
विलियम की इस खोज को ब्राजील इंटरनेशनल साइंस फेयर 2017 में प्रदर्शित किया जाएगा और पूरी खोज को एक जर्नल में प्रकाशित भी किया जाएगा।
5.
विलियम के इस शोध से स्पष्ट होता है माया सभ्यता के दौरान बसाएं गए शहर अभी भी अस्तित्व में हैं बस उनका नाम बदल चुका है और हम उन्हें दूसरे नामों से जानते हैं। इस सभ्यता के कई स्थल अभी भी जंगलों में हैं इसके कई सबूत सैटेलाइट की मदद से विलियम ने इक्ट्ठे कर लिए हैं।


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