तेज रफ्तार इलेक्ट्रिक कार का सपना होगा साकार
एक 'सुपर कैपेसिटर' की मदद से मौजूदा इलेक्ट्रिक कारों की रफ्तार बढ़ाई जा सकती है, क्योंकि छोटे कैपेसिटर के अंदर काफी अधिक ऊर्जा संरक्षित की जा सकती है। सुपर कैपेसिटर का निर्माण जिस सामग्री से किया जा सकता है, उसे कैल्सियम-कॉपर-टाइटनेट (सीसीटीओ) कहा जाता है। भारतीय मूल के एक शोधार्थी राघवेंद्र पांडे के साथ काम कर रहे एक दल ने इस सामग्री को ऊर्जा संग्रहित करने वाली व्यावहारिक सामग्री बताया है।
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टेक्सास स्टेट युनिवर्सिटी (टीएसयू) के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर विलियम स्टैपल्टन ने कहा, "कई क्षेत्रों के लिए सक्षम, तेज रफ्तार, अधिक सघन ऊर्जा संग्रहण आवश्यक है और सुपर कैपेसिटर यह पेश करता है। उन्होंने कहा, "पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे क्षेत्रों में तुरंत इस सामग्री के उपयोग से लाभ मिल सकता है। टीएसयू के इलेक्ट्रिक इंजीनिरिंग के प्रोफेसर पांडे तथा अन्य ने कहा कि सीसीटीओ में कैपेसिटर उपकरण की क्षमता के लिए बुनियादी रूप से महत्वपूर्ण दो गुणों को आपस में जोड़ा गया है।
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शोध पत्र एआईपी एडवांसेज में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक प्रथम गुण को परमिटिविटी कहा जाता है, जिसके तहत उपकरण ऊर्जा संग्रहीत करता है। अधिक परमिटिविटी वाले कैपेसिटर को बेहतर माना जाता है। दूसरे गुण को लॉस टेंजेंट कहा जाता है, जिसका संबंध कैपेसिटर से ऊर्जा के बाहर निकलने की रफ्तार का है। पांडे के मुताबिक जिस कैपेसिटर का लॉस टेंजेंट अधिक होता है, उसे बेहतर नहीं माना जाता है।
पांडे और उनके दल का अनुमान है कि सीसीटीओ से बने कैपेसिटर की परमिटिविटी अधिक होगी और उसका लॉस टेंजेंट कम होगा। जिसके कारण यह कैपेसिटर विभिन्न उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक ऊर्जा संग्रहीत कर सकता है।


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