तेज रफ्तार इलेक्ट्रिक कार का सपना होगा साकार

    एक 'सुपर कैपेसिटर' की मदद से मौजूदा इलेक्ट्रिक कारों की रफ्तार बढ़ाई जा सकती है, क्योंकि छोटे कैपेसिटर के अंदर काफी अधिक ऊर्जा संरक्षित की जा सकती है। सुपर कैपेसिटर का निर्माण जिस सामग्री से किया जा सकता है, उसे कैल्सियम-कॉपर-टाइटनेट (सीसीटीओ) कहा जाता है। भारतीय मूल के एक शोधार्थी राघवेंद्र पांडे के साथ काम कर रहे एक दल ने इस सामग्री को ऊर्जा संग्रहित करने वाली व्यावहारिक सामग्री बताया है।

     

    पढ़ें: 7 बेतुके अविष्‍कार जिन्‍हें कभी न खरीदें

    टेक्सास स्टेट युनिवर्सिटी (टीएसयू) के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर विलियम स्टैपल्टन ने कहा, "कई क्षेत्रों के लिए सक्षम, तेज रफ्तार, अधिक सघन ऊर्जा संग्रहण आवश्यक है और सुपर कैपेसिटर यह पेश करता है। उन्होंने कहा, "पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे क्षेत्रों में तुरंत इस सामग्री के उपयोग से लाभ मिल सकता है। टीएसयू के इलेक्ट्रिक इंजीनिरिंग के प्रोफेसर पांडे तथा अन्य ने कहा कि सीसीटीओ में कैपेसिटर उपकरण की क्षमता के लिए बुनियादी रूप से महत्वपूर्ण दो गुणों को आपस में जोड़ा गया है।

    पढ़ें: 7 बेतुके अविष्‍कार जिन्‍हें कभी न खरीदें

    तेज रफ्तार इलेक्ट्रिक कार का सपना होगा साकार

    पढ़ें: 2013 के सबसे चर्चित अविष्‍कार

    शोध पत्र एआईपी एडवांसेज में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक प्रथम गुण को परमिटिविटी कहा जाता है, जिसके तहत उपकरण ऊर्जा संग्रहीत करता है। अधिक परमिटिविटी वाले कैपेसिटर को बेहतर माना जाता है। दूसरे गुण को लॉस टेंजेंट कहा जाता है, जिसका संबंध कैपेसिटर से ऊर्जा के बाहर निकलने की रफ्तार का है। पांडे के मुताबिक जिस कैपेसिटर का लॉस टेंजेंट अधिक होता है, उसे बेहतर नहीं माना जाता है।

    पांडे और उनके दल का अनुमान है कि सीसीटीओ से बने कैपेसिटर की परमिटिविटी अधिक होगी और उसका लॉस टेंजेंट कम होगा। जिसके कारण यह कैपेसिटर विभिन्न उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक ऊर्जा संग्रहीत कर सकता है।

    Opinion Poll

    पाइए टेक्नालॉजी की दुनिया से जुड़े ताजा अपडेट - Hindi Gizbot

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Gizbot sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Gizbot website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more