Wipro ने अब 452 फ्रेशर्स को नौकरी से निकाला

Wipro: हर जगह हो रही कर्मचारियों की छंटनी ने सभी की नींद उड़ा दी है। कुछ ही दिनों पहले टेक की 2 सबसे कंपनियों (Google और Microsoft) ने बड़े पैमाने पर छंटनी का ऐलान किया है। Google के CEO सुंदर पिचाई ने 12,000 कर्मचारियों को निकाल दिया जबकि माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्या नडेला ने बड़े स्तर पर 10,000 कर्मचारियों की छंटनी की है और अब इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विप्रो ने भी छंटनी में शामिल हो गया है।
क्या है 452 फ्रेशर्स को नौकरी से निकलने का कारण
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विप्रो ने खराब परफॉर्मेंस के चलते सैकड़ों फ्रेशर एंप्लॉयीज को नौकरी से निकाल दिया है। कंपनी, रिपोर्ट बताती है, हाल ही में एक इंटरनल परफॉरमेंस इवैल्यूएशन किया गया और सबसे कम स्कोर करने वाले कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के लिए कहा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी को 800 कर्मचारियों को निकालने की उम्मीद थी लेकिन विप्रो ने कहा कि यह संख्या इससे कम है। विप्रो ने बताया, 'हमें 452 फ्रेशर्स को बाहर करना पड़ा, क्योंकि उन्होंने ट्रेनिंग के बाद भी बार-बार असेसमेंट में खराब प्रदर्शन किया।'
विप्रो के कंटर्मिनेशन लेटर में कहा गया है, "हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि 75,000 रुपये की ट्रेनिंग कॉस्ट जो आपको देनी थी उसे माफ कर दिया जाएगा।" एक फ्रेशर, जिसे खराब प्रदर्शन के कारण निकाल कर दिया गया था, ने कहा, "मुझे जनवरी 2022 में एक ऑफर लेटर मिला था, लेकिन महीनों की देरी के बाद उन्होंने मुझे ऑनबोर्ड कर लिया। और अब वे मुझे परीक्षा का बहाना बता कर निकाल रहे हैं।"
टेक इंडस्ट्री बुरे दौर से गुजर रही है। Microsoft और Google से पहले, Amazon, Netflix, Salesforce और कई अन्य जैसी टेक कंपनियों ने मैक्रो इकनोमिक कंडीशंस का हवाला देते हुए सैकड़ों और हजारों कर्मचारियों को निकाल दिया है।
ShareChat Layoffs
अब तो ऐसा लगने है लगा है जैसे मानो टेक उद्योग कठिन समय से गुजर रहा है और शायद 2023 में स्थिति और खराब हो सकती है। इस साल Amazon के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ShareChat ने 20 फीसदी नौकरियों में कटौती का ऐलान किया है।


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