Jio के खिलाफ Airtel, Voda-Idea ने मिलकर बनाया "महागठबंधन"
आजकल भारत में जबरदस्त चुनावी माहौल चल रहा है। देश में लोकसभा चुनाव जल्द ही होने वाले हैं। इस वक्त देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव भी चल रहे हैं, जिसे लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल भी कहा जा रहा है। इस फाइनल मुकाबले में जीतने के लिए तमाम विपक्षियों ने एक साथ आने मन बना लिया है।

दरअसल इस वक्त भारत में बीजेपी पार्टी काफी अच्छे फॉर्म में चल रही है। बीजेपी में 2014 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद कई राज्यों में भी अपनी सरकार बनाई। बीजेपी के इस शानदार प्रदर्शन से टक्कर लेने ते लिए सभी विपक्षी पार्टियों ने एक साथ मिलकर महागठबंधन तैयार करने का मन बना लिया है।
BJP और JIO की हालत एक जैसी
इस वक्त भारत में पॉलिटिक्स जैसा हाल ही टेलिकॉम सेक्टर का भी है। जिस तरह से पॉलिटिक्स में बीजेपी का हाल है वैसा ही टेलिकॉम में जियो कंपनी का है। जियो कंपनी को भी पछाड़ने के लिए उनके विरोधी एक साथ आने वाले हैं। जियो कंपनी ने करीब ढाई साल पहले अपने सफर की शुरुआत की थी। इतने कम समय में कंपनी ने देश में टैरिफ प्लान, इंटरनेट डेटा का कायाकल्प करके रख दिया।
पूरे देश में जियो ने इंटरनेट डेटा और कॉलिंग सिस्सट को काफी सस्ता कर दिया। जिसकी वजह से जियो का काफी फायदा हुआ लेकिन पुरानी कंपनियों को काफी नुकसान झेलना पड़ा। कई छोटी-मोटी पुरानी कंपनियां तो बंद भी हो गई। वहीं बड़ी-बड़ी कंपनियों ने अपने रेट गिरा दिए ताकि वो जियो को टक्कर दे पाए।
जियो के खिलाफ बना महागठबंधन
अब जियो को कड़ी टक्कर देने के लिए एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने महागठबंधन बनाना का फैसला किया है। भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया कंपनी ने फाइबर नेटवर्क शेयर करने का फैसला किया है। ये सभी कंपनियां मिलकर अभी इस योजना पर काम कर रही है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो आने वाले दिनों में एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया एक कॉमन फाइबर नेटवर्क की शुरुआत कर सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो जियो कंपनी को निश्चित रूप से एक कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
आपको बता दें कि जियो की तेज रफ्तार से आगे निकलने के लिए देश की बड़ी टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन और आइडिया पहले ही मिल चुके हैं। अब इस गठबंधन में एयरटेल कंपनी भी शामिल होने जा रही है। जिसके बाद यह गठबंधन एक महागठबंधन बन जाएगा, जो जियो को एक कड़ी चुनौती देने के लिए तैयार होगा।
अंग्रेजी अख़बार द इकोनॉमिक टाइम्स में छपे एक रिपोर्ट के अनुसार, एयरटेल के एक उच्च अधिकारी ने इस गठबंधन पर खुशी जताते हुए कहा कि हमें इस साझेदारी से एक कंपनी बनाने की खुशी है। हम वोडाफोन आइडिया के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
आपको बता दें कि एयरटेल पहले ही साफ कर चुका है कि अब वो ग्राहक बढ़ाने से ज्यादा कमाई बढ़ाने पर ध्यान देगा। ऐसे में उनका फोकस प्रीमियम ग्राहक हैं। इसी वजह से एयरटेल ने महीने में कम से कम 35 रुपए का रिचार्ज कराना अनिवार्य कर दिया है।


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