अजब-गजब : ऐसी घड़ी जो उलटी चलती है
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में एक ऐसी घड़ी है जो उलटी दिशा में चलती है, यानी इसकी सुई दाएं से बाएं घूमती है। लगभग 38 वर्षो से इस घड़ी के कांटों की यह उलटी गति आज भी अनवरत जारी है। नवगठित कोंडागांव जिले में स्थित गोंडवाना समाज के सामुदायिक भवन की दीवार में लगाई गई एक घड़ी यहां हर आने-जाने वाले को थोड़ा चौंकाती जरूर है।
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पहली नजर में भले ही यह सामान्य घड़ियों की तरह नजर आए, पर थोड़ा रुककर इसे देखने से इसकी खूबी पता चल जाती है। दरअसल इस घड़ी के कांटे दाएं से बाएं घूमने की बजाय बाएं से दाएं घूमते हैं। इस घड़ी को लेकर समाज के लोगों की अपनी ही कुछ धारणाएं प्रचलित हैं।
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गोंडवाना समाज के उग्रेश मरकाम ने बताया कि उनका समाज प्रकृति प्रेमी है और उन्हीं संस्कृति को मान्यता देता है जो इससे सराबोर है। उन्होंने बताया उनके समाज में नवाखानी या अन्य समारोह के दौरान होने वाले सामूहिक भोज में भोजन दाएं से बाएं परोसा जाता है।

सामूहिक नृत्य के दौरान मांदर, नगाड़े और ढोलक की थाप पर गायक और नर्तक पूरब से पश्चिम की ओर बढ़ते हैं। यही वजह है कि इस समाज के लोग उलटी घड़ी देखना पसंद करते हैं। मरकाम के मुताबिक, इस घड़ी का निर्माण 1975 में बिलासपुर महासंघ के शंभू गौरा ने किया था। तब से यह आम लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उन्होंने बताया कि ऐसा भी नहीं है कि यहां सीधी चलने वाली घड़ी नहीं है, सामुदायिक भवन की दीवार पर दोनों तरह की घड़ियां एक साथ लगी हुई हैं। उलटी चलती घड़ी नवागंतुकों के लिए कौतूहल का विषय बन जाती है।


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