Starlink या Kuiper, इस जंग में किसकी होगी जीत; आमने-सामने हैं Musk और Bezos
एलन मस्क Starlink की वजह से खासे चर्चा में है। खबर है कि आने वाले कुछ महीनों में कंपनी की सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस भारत में लॉन्च हो सकती है। यह सर्विस दूर-दराज इलाकों में कारगर साबित होगी। इसके साथ ही Amazon भी सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट की जंग में है।
हाल ही में अमेजन ने एक बड़ा कारनामा किया है, जिसके बाद स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क और जेफ बेजोस आमने-सामने आ गए हैं। आइए, जानते हैं दोनों की सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस की जंग में कौन बाजी मार सकता है।

स्टारलिंक को मिलेगी टक्कर?
अमेजन ने अपने बड़े प्रोजेक्ट कुइपर (Project Kuiper) की पहली बड़ी कामयाबी दर्ज करते हुए 27 सैटेलाइट्स को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। यह लॉन्च अमेरिका के Cape Canaveral Space Force Station से किया गया। यहां से United Launch Alliance (ULA) के Atlas V रॉकेट ने सोमवार रात 7 बजे (स्थानीय समय) उड़ान भरी। यह मिशन स्टारलिंक को टक्कर देने के मकसद से लॉन्च किया है।
Atlas V रॉकेट को Boeing और Lockheed Martin की संयुक्त कंपनी ULA द्वारा संचालित किया गया, इन 27 सैटेलाइट्स को लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में ले गया। गौरतलब है कि खराब मौसम के चलते यह लॉन्च पहले 9 अप्रैल को टल गया था।
प्रोजेक्ट कुइपर के तहत अमेजन कुल 3,236 सैटेलाइट्स लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जिनमें से आधे यानी 1,618 सैटेलाइट्स को 2026 के मध्य तक लॉन्च करना FCC के नियमों के तहत जरूरी है। हालांकि, लॉन्च में देरी के चलते अमेजन इस समय सीमा को बढ़ाने के लिए आवेदन कर सकता है।
दूरदराज इलाकों में मिलेगा इंटरनेट
Amazon का कहना है कि यह सर्विस खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद करेगी, जहां अब तक नेटवर्क की बड़ी समस्या रही है। कंपनी का मकसद आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ बिजनेस और सरकारी संस्थानों को फास्ट ब्रॉडबैंड सर्विस प्रदान करना है।
Starlink से क्या अलग?
अमेजन को स्टारलिंक से देर से टक्कर मिली है, लेकिन कंपनी का मानना है कि उसका कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का एक्सपीरियंस और क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विस का इंटीग्रेशन Kuiper को स्टारलिंक से अलग और मजबूत बनाएगा।


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