BSNL कर्मचारियों पर बरसे IT मिनिस्टर: Govt Attitude छोड़ काम पर ठीक से दें ध्यान, वरना घर बैठो
केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने BSNL कर्मचारियों को कड़े लहजे में 'करो या मरो' की चेतावनी दी है। वैष्णव द्वारा कम से कम 62,000 BSNL कर्मचारियों को 'सरकार' के रवैये को छोड़कर ठीक से काम करने का सख्त निर्देश दिया गया है।

इतना ही नहीं दूरसंचार मंत्री ने यह भी कहा है कि अगर वे ऐसा नहीं करते है तो वह कर्मचारियों को जबरन रिटायरमेंट देंगे। दरअसल अश्विनी वैष्णव ने सख्त लहजे में कर्मचारियों से कहा है कि वे अच्छा काम करें या रिटायरमेंट ले लें। आपको बता दें कि दूरसंचार मंत्री ने BSNL की स्थिति में सुधार के लिए गुरुवार को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
IT मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने कहा
इस बैठक में मंत्री ने BSNL के कर्मचारियों को कड़े लहजे में बताना शुरू किया, "आपको शायद पता ही होगा कि इस हफ्ते 1.64 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की थी ताकि चरमराती कंपनी BSNL को फिर से पटरी पर लाया जा सके। इसी बैठक में मंत्री ने कहा, 'मैं हर महीने प्रदर्शन की जांच करूंगा , जो काम नहीं करना चाहते है वे अपनी मर्जी से रिटायरमेंट ले सकते है और घर जा सकते है, और अगर ऐसा नहीं हुआ तो ऐसे कर्मचारियों को जबरन रिटायर किया जाएगा, जैसा कि भारतीय रेलवे में किया गया था।''

आपका प्रदर्शन आपकी नौकरी बचा सकता है: IT मंत्री
आपको बता दें कि BSNL को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 27 जुलाई को 1.64 लाख करोड़ रुपये के पुनरुद्धार पैकेज को मंजूरी दी थी। वहीं बैठक में वैष्णव ने आगे कहा, ''हमें जो करना चाहिए था, वह हमने किया । आपका प्रदर्शन आपकी नौकरी बचा सकता है। मैं अगले 24 महीनों में परिणाम देखना चाहता हूं। मैं हर महीने सभी कर्मचारियों के प्रदर्शन की मासिक रिपोर्ट देखूंगा।''
वहीं, मंत्री ने कहा, ''जिस तरह से रिवाइवल पैकेज तैयार किया गया है, दुनिया की कोई भी सरकार इतना बड़ा जोखिम नहीं उठा सकती, जितना कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया है.'' यह कोई छोटा आवंटन नहीं था। आपको यह भी बता दें कि कैबिनेट ने भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (बीबीएनएल) का BSNL में विलय करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।


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