एवीएम प्रोडक्शन की नजर इंटरनेट उपयोगकर्ताओं पर
बड़े पर्दे पर कई भाषाओं में के दर्शकों का चार दशकों से अधिक समय से मनोरंजन कर रहे एवीएम प्रोडक्शन ने अब खास तौर से इंटरनेट उपयोगकर्ताओं (नेटीजेन) के लिए सामग्री परोसने पर ध्यान देना शुरू किया है। एवीएम प्रोडेक्शन तमिल इंडस्ट्रीज के सबसे पुराने प्रोडेक्शन हाउसों में से एक है जिसका मेन प्रोडेक्शन हाउस चेन्नई में बना है।
एवीएम ने अभी तक करीब 170 फिल्मों का प्रोडेक्शन किया है। इंटरनेट की ओंर अपने कदम बढ़ाते हुए एवीएम ने नेटीजेन के लिए 55 मिनट की तमिल फिल्म 'इधुवुम कदांधु पोगुम' लेकर आई है।फिल्म की सह-निर्माता अपर्णा गुहान ने आईएएनएस से कहा, इंटरनेट भविष्य है और चूंकि इसकी पहुंच काफी अधिक है, इसलिए हम खासतौर से इसके उपयोगकर्ताओं के लिए सामग्री जारी करना चाहते हैं। अभी हम यूट्यूब, अमेजन और नेटफ्लिक्स जैसे ऑनलाइन पोर्टलों को टार्गेट कर रहे हैं।
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अपर्णा ने अपनी बहन अरुणा के साथ फिल्म का निर्माण किया है। दोनों बहनें एवीएम कारोबारी परिवार की चौथी पीढ़ी हैं। अपर्णा ने कहा, टेलीविजन और फिल्म सामग्री देखने के लिए इंटरनेट तेजी से एक महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है। अभी हम इंटरनेट पर बड़े पैमाने पर सामग्री नहीं पेश करना चाहते हैं। इसलिए अभी इसका परीक्षण कर रहे हैं।
अनिल कृष्णन और श्रीहरि प्रभाकरन द्वारा निर्देशित तमिल फिल्म में सिवाजी देव, रवि राघवेंदर और शिल्पा भट ने मुख्य भूमिका निभाई है। एवीएम ने पिछले चार दशकों में 100 से अधिक फीचर फिल्मों का निर्माण किया है।
उसकी कुछ सर्वोत्तम फिल्मों में हैं 'भूकैलाश', 'पराशक्ति', 'कलाथुर कन्नम्मा' और 'सर्वर सुंदरम'।हिंदी भाषा में एवीएम की मुख्य फिल्मों में हैं 'भाभी', 'छाया' और 'पूजा के फूल'।


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