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चांद से अब सिर्फ 35 किमी. दूर चंद्रयान-2

चंद्रयान-2 अब कुछ ही घंटों में इतिहास रचने वाला है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानि इसरो ने 22 जुलाई 2019 को अपने चंद्रयान-2 को चांद पर भेजा था। अब चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर चांद की सतह पर कदम रखने के लिए तैयार है। चंद्रयान-2 अब चांद से सिर्फ 35 किमी की दूरी है। अभी से करीब 40 घंटों के बाद विक्रम लैंडर चांद की दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखेगा।

चांद से अब सिर्फ 35 किमी. दूर चंद्रयान-2

आपको बता दें कि चंद्रयान-2 से लैंडर विक्रम अब अलग हो चुका है। इसके अलग होने के एक दिन बाद इसरो ने जानकारी देते हुए बताया कि चंद्रयान-2 को चांद की निचली कक्षा में उतारने के लिए किया गया पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। अब इसके लिए चंद्रयान-2 को एक और अंतिम चरण भी सफलतापूर्वक पूरा करना है। उसके बाद चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर शनिवार को चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करके इतिहास रचने जा रहा है।

शनिवार को चांद पर उतरेगा चंद्रयान-2

इसरो ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि चंद्रयान-2 ने पहले चंद्रमा की कक्षा में परिक्रमा स्वतंत्र रूप से करनी शुरू कर दी थी। अब लैंडर पर लगी प्रणोदक प्रणाली को पहली बार इसे नीचे की कक्षा में लाने के लिए सक्रिय किया गया है। इसरो ने बताया कि चंद्रयान-2 में मौजूद विक्रम लैंडर को शनिवार को चांद की दक्षिणी ध्रुव में उतरेगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने ट्विटर हैंडल पर कुछ तस्वीरे साझा की है जो चंद्रयान-2 से भेजी गई है। चंद्रयान-2 में लगे LI4 कैमरे से धरती की कुछ तस्वीरों को दो दिन पहले क्लिक की गई है और उसे इसरो को भेजा गया। चंद्रयान-2 में लगे LI4 कैमरे ने 3 अगस्त 2019 को 17:34 UT पर इन पिक्चर्स को लिया गया है। इसरो ने जानकारी देते हुए कहा था कि शुक्रवार को दोपहर 3 बजकर 27 मिनट पर चंद्रयान-2 ने चौथी कक्षा में पहुंचने की गतिविधि सफलतापूर्वक पूरा किया है।

चंद्रयान-2 का सफर

1. चंद्रयान 2 को 22 जुलाई को दोपहर 2:43 मिनट पर लॉन्च किया गया।

2. इस चंद्रयान को ले जाने वाले रॉकेट का नाम GSLV-MK3 है, जिसके तहत इसे लॉन्च किया गया है।

3. इस रॉकेट को देश का सबसे ताकतवर रॉकेट माना जाता है, इसलिए इसे बाहुबली रॉकेट भी कहा जा रहा है।

4. चंद्रयान 2, 48 दिनों की यात्रा के बाद 6 सितंबर को चांद की सतह पर पहुंचेगा।

5. 2:43 मिनट पर लॉन्च होने के करीब 16:23 मिनट बाद चंद्रयान-2 पृथ्वी से करीब 182 किमी की ऊंचाई पर पहुंचा था और GSLV-MK3 रॉकेट से अलग होकर पृथ्वी की कक्षा यानि Earth Orbit में चक्कर लगाना शुरू किया।

Earth Orbit में चक्कर लगाना शुरू किया।

1. चंद्रयान-2 आज यानि 22 जुलाई से लेकर 13 अगस्त तक पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाएगा।

2. 13 अगस्त से 19 अगस्त तक चांद की तरफ जाने वाले लंबी ऑर्बिट में यात्रा करेगा।

3. 19 अगस्त को चंद्रयान-2 चांद की कक्षा में पहुंच जाएगा।

4. 19 अगस्त से 31 अगस्त यानि 13 दिनों तक चंद्रयान-2 चांद के चारों तरफ चक्कर लगाएगा।

5. 1 सितंबर को चंद्रयान में मौजूद विक्रम लैंडर ऑर्बिटर से अलग होकर चांद के साउथ पोल की यात्रा करेगा।

6. 6 सितंबर को 5 दिनों की यात्रा करने के बाद विक्रम लैंडर चांद के साउथ पोल पर लैंड करेगा।

7. 6 सितंबर को लैंड करने के करीब 4 घंटे बाद विक्रम लैंडर से रोवर प्रज्ञान निकलकर चांद की सतह पर कदम रखेगा।

8. उसके बाद रोवर प्रज्ञान चांद के साउथ पोल यानि दक्षिणी ध्रुव पर विभिन्न प्रयोग और खोज करेगा।

 
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English summary
Chandrayaan-2 is going to create history in a few hours. Indian Space Research Organization i.e. ISRO sent its Chandrayaan-2 to the moon on 22 July 2019. Now the Vikram lander of Chandrayaan-2 is ready to step on the lunar surface. Chandrayaan-2 is now just 35 km from the moon. About 40 hours from now, Vikram Lander will step on the moon's south pole.
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