COVID-19 वैक्सीन सर्टिफिकेट को किया कहीं शेयर तो पड़ेगा भारी
पिछले कुछ महीनों में भारत में COVID-19 की दूसरी लहर ने काफी ज्यादा प्रभावित किया है और ऐसा प्रतीत होता है कि इस महामारी से उबरने का एकमात्र तरीका वैक्सीन लगवाना है। वर्तमान में, भारत में तीन वैक्सीन उपलब्ध हैं, भारत बायोटेक से कोवैक्सिन, एस्ट्राजेनेका से कोविशील्ड, और स्पुतनिक वी। भारत सरकार उन लोगों के लिए एक COVID-19 Vaccine Certificate प्रदान करती है, जिन्होंने वैक्सीन की पहली/दूसरी डोज़ ली है।

लेकिन आपको बता दें कि अगर आपने भी अपने कोविड वैक्सीन सर्टिफिकेट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाला है तो वो आपके लिए खतरे से खाली नहीं है। ट्विटर पर एक पोस्ट में, भारत सरकार ने यूजर्स को अपने COVID वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र को ऑनलाइन शेयर करने के खिलाफ चेतावनी दी है क्योंकि उनमें नाम, आयु, लिंग, जैसे व्यक्तिगत विवरण शामिल हैं और इनका धोखेबाजों द्वारा दुरुपयोग किया जा सकता है।
यह ट्वीट साइबर सुरक्षा विंग, Cyber Dost हैंडल से सामने आया है जिसे गृह मंत्रालय और भारत सरकार मैंटेन करती है। "कोविड वैक्सीन सर्टिफिकेट में आपका नाम और अन्य व्यक्तिगत जानकारियाँ होती हैं। अपने टीकाकरण प्रमाणपत्र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर करने से बचें क्योंकि साइबर फ्रॉडस्टर आपको धोखा देने के लिए इसका दुरुपयोग कर सकते हैं," ऐसा ट्वीट में लिखा गया है।
वैक्सीन की पहली डोज़ के बाद, भारत सरकार एक अस्थायी प्रमाण पत्र जारी करती है जिसमें व्यक्तिगत जानकारी होती है, जिसमें दूसरी डोज़ की तारीख भी शामिल होती है। दूसरी डोज़ के बाद अंतिम सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा करते समय भविष्य में इस अनंतिम वैक्सीन प्रमाणीकरण को महत्वपूर्ण माना जाएगा। सर्टिफिकेशन को आरोग्य सेतु ऐप के साथ-साथ CoWin वेबसाइट और ऐप के माध्यम से डाउनलोड किया जा सकता है। आपको बस बेनीफ़ीसरी आईडी दर्ज करनी होगी और डाउनलोड करने के लिए गेट सर्टिफिकेशन बटन पर टैप करना होगा।
इस तरह आपको भी सोशल मीडिया पर सर्टिफिकेट डालने से बचना है और अपने करीबी तथा दोस्तों को भी ऐसा करने से बचाना है।


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