WhatsApp के भारतीय प्रमुख ने कहा, "फेक न्यूज़ का सिलसिला होगा खत्म"
आजकल भारत में चुनावी मौसम चल रहा है। चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए तारीखों की घोषणा कर दी है। इसी वजह से राजनीतिक पार्टियों ने अपने प्रचार-प्रसार को तेज कर दिया है। इस बार के चुनाव में देशभर के कई लोग सोशल मीडिया की बातें कर रहे हैं। दरअसल, सोशल मीडिया को राजनीतिक पार्टियां अपना हथियार बना रही है।
सोशल मीडिया के जरिए फेक यानि गलत और झूठी ख़बरों को फैलाकर लोगों को गुमराह करने का काम किया जा रहा है। इस फेक ख़बर की वजह से किसी को फायदा या नुकसान होने की काफी संभावना है। वहीं सबसे ज्यादा नुकसान तो जनता का ही होने वाला है।
फेक न्यूज़ का सिलसिला
सोशल मीडिया पर ऐसे कई प्लेटफॉर्म्स हैं, जिनका इस्तेमाल आम चुनाव जीतने के लिए किया जा रहा है। इनमें से एक बेहद लोकप्रिय प्लेटफॉर्म का नाम व्हाट्सऐप भी है। व्हाट्सऐप प्लेटफॉर्म के जरिए फेक न्यूज़ का सिलसिला पिछले कई महीनों से चल रहा है। जिसकी वजह से देशभर में कई घटनाएं भी सामने आई हैं। इस कारण भारत सरकार ने भी व्हाट्सऐप पर कई बार दबाव डालने की कोशिश की है कि उन्हें इसका कोई उपाय करना चाहिए।
व्हाट्सऐप ने भी फेक न्यूज़ को फैलने से रोकने के लिए कई कड़े कदम उठाएं हैं और उसका फायदा भी देखने को मिल रहा है। हालांकि व्हाट्सऐप को अभी भी कई महत्वपूर्ण और कठोर कदम उठाने की जरूरत है। जिससे भारत में इस फेक न्यूज़ के खतरनाक हथियार को खत्म किया जा सके।
व्हाट्सऐप प्रमुख ने दिया आश्वासन
इस मामले में व्हाट्सऐप इंडिया के प्रमुख अभिजीत बोस ने बुधवार को कहा है कि कंपनी पूरी इमानदारी से इस बात को मानती है कि निजी संदेश सुरक्षा के लिए मूलभूत आवश्यकता है। इसके बाद उन्होंने कहा कि, "हमें खुशी है कि फेक कंटेंट के वायरल होने वाली समस्या को नियंत्रित और यूजर्स को जागरूक करने के लिए किए गए हमारे प्रयास सफल हुए हैं। हालांकि अभी यह काम पूरा नहीं है। हम अभी भी बहुत कुछ कर सकते हैं और आगे हम करेंगे।"
दुनियाभर में व्हाट्सऐप के करीब 1.5 अरब मासिक सक्रिय यूजर्स हैं, जिनमें से करीब 20 करोड़ मासिक सक्रिय यूजर्स भारत में ही है। इससे साफ है कि भारत व्हाट्सऐप के लिए एक बहुत बड़ा व्यापारिक मार्केट है। ऐसे में भारत में हो रहे व्हाट्सऐप के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए कंपनी को कई कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
ख़बरों की जांच करके ही भरोसा करें
वहीं गिज़बोट हिंदी भी अपने सभी पाठकों से निवेदन करता है कि वो किसी भी वायरल होने वाली ख़बरों को आगे शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। आप खुद हर ख़बर की जांच अपने स्तर से करें और जब आप संतुष्ट हो जाएं कि वह ख़बर सच्ची है तभी उसे आगे शेयर करें। इस क्रम में अगर आपको कोई गलत ख़बर वायरल होती हुई दिखे तो उसकी शिकायत करें।


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