तैयार हो जाइए महंगे मोबाइल टैरिफ के लिए

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    जल्‍द आपकी जेब में महंगे टैरिफ प्‍लान का भार थोड़ा बढ़ने वाला है, टेलिकॉम स्‍प्रैक्‍ट्रम निलामी की वजह से मोबाइल ऑपरेटर टैरिफ प्‍लान महंगे कर सकते हैं। जानकारों का कहना है बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते टेलिकॉम कंपनियां टैरिफ प्‍लान के दाम ज्‍यादा नहीं बढ़ा पाएगी तो उपभोक्‍ता को थोड़ी राहत दे सकता है। सरकार ने इन स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए 49000 करोड़ रुपये की सुरक्षित राशि तय की थी। सरकार को 2010 में 3जी और बीडब्ल्यूए स्पेक्ट्रम की नीलामी से 1.06 लाख करोड़ रुपये की राशि मिली थी।

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    ये बोलिया स्‍पेक्‍ट्रम के लिए लगाई जा रही है यानी मोबाइल में बात करते समय जिन तरंगो का प्रयोग होता है वे अलग अलग फ्रिक्‍वेंसी पर काम करती है। लोगों की संख्‍या के आधार पर ये निधार्रित होता है कि कहा पर कौन की फ्रिक्‍वेंसी प्रयोग होगी।

    तैयार हो जाइए महंगे मोबाइल टैरिफ के लिए

    दिक्‍कत तब आती है जब ज्‍यादा जनसंख्‍या की वजह से स्‍पेक्‍ट्रम काम नहीं कर पाता और बात करते समय फोन कटने से लेकर धीमी आवाज लो सिगनल जैसी दिक्‍कतों का सामना करना पड़ता है।

    जैसे इस समय 800, 900 और 1800 मीटर हर्ट्ज़ के बैंड्स की फ्रीक्वेंसी वाले स्‍पेक्‍ट्रम की निलामी की जा रही है। इससे पहले टेलिकॉम कंपनियों को 20 साल के लिए इनके लाइसेंस दिए गए थे।

    English summary
    Consumers would have to bear the brunt of ongoing aggressive bidding for telecom spectrum, which would force mobile operators to hike tariff, domestic rating agency Care has said.
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