पढ़िए और जानिए आज के गूगल-डूडल की कहानी
क्या आपने आज के गूगल डूडल पर गौर किया है...? अगर नहीं किया है तो एक बार कीजिए। आज के गूगल डूडल में आपको दिखेगा कि एक कमरे में तीन लोग हैं, सामने की दिवार पर Google शेप में डिजाइन है, जिसके बीच में टीवी दिख रहा है और दूसरी दिवार पर एक बास्केट दिख रही है और वहां पर खड़ी एक लड़की के हाथ में बड़ी सी बॉल है।
गूगल-डूडल की बात
अब अगर आपके दिमाग में आज के गूगल डूडल के बारे में कुछ ख्याल आ रहा है तो शायद ठीक है। गूगल ने आज का डूडल डॉ. जेम्स नाइस्मिथ के नाम पर बनाया है। डॉ. जेम्स कनाडाई-अमेरिकी मूल के फिज़िकल टीचर, प्रोसेसर, डॉक्टर और एक कोच भी थे। आपको बता दें कि डॉ. जेम्स ने ही इस दुनिया को बास्केटबॉल से रू-ब-रू कराया था।
डॉ. जेम्स ने ही बॉस्केटबॉल की शुरुआत की थी और इसलिए गूगल ने अपने डूडल में एक बास्केटबॉल कोर्ट बनाकर उन्हें याद किया है। डॉ. जेम्स ने बास्केटबॉल की शुरुआत सन् 1891 में की थी। आइए हम आपको डॉ. जेम्स की कहानी बताते हैं कि कैसे बास्केटबॉल की शुरुआत की थी।

कैसे हुई थी बास्केटबॉल की शुरुआत
दरअसल, सन् 1891 में डॉ. जेम्स YMCA इंटरनेशनल ट्रेनिंग कॉलेज में फिजिकल टीचर के रूप में काम कर रहे थे। उस वक्त सर्दी का मौसम था और काफी ठंड भी थी, इसलिए डॉ. जेम्स के छात्र आउटडोर गेम्स खेलने के लिए बाहर नहीं जा रहा रहे थे।
इस वजह से जेम्स नाइस्मिथ को एक इनडोर गेम डेवलेप करने के लिए कहा गया और फिर उन्होंने बास्केटबॉल की शुरुआत की और उसमें 10 तरह के नियम यानि रूल्स बनाएं। वो दिन आज का ही था यानि 15 जनवरी, जब डॉ. जेम्स ने बास्केटबॉल की शुरुआत की थी और गूगल ने इस वजह से आज एक शानदार डूडल बनाकर उन्हें सम्मानित किया है।


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