डेटा लीक से परेशान सरकार, जल्द जारी करेगी नई गाइड लाइन
पिछले कुछ समय में इंडियन यूजर्स के मोबाइल में सेंध लगाकर डेटा चोरी होने के कई मामले सामने आए हैं। सरकार ने अब इन मामलों पर चिंता जताई है और जल्द ही इस मामले पर कड़े कदम उठा सकती है। रिपोर्ट्स की मानें तो साइबर सिक्योरिटी अगले कुछ हफ्तों में मोबाइल बनाने वाली कंपनियों के सामने नई गाइड लाइन पेश कर सकती है। सरकार की ये गाइडलाइन यूजर्स का डेटा सुरक्षित रखने के लिए होगी।

पढे़ं- स्क्रीन में चिप लगाकर हैक किया जा सकता है स्मार्टफोन !
सिक्योरिटी और प्राइवेसी नियम होंगे जारी-
बार-बार यूजर्स के डेटा लीक होने के बाद सरकार अब स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों को नए सिक्योरिटी और प्राइवेसी नियम जारी कर सकती है। सरकार का मानना है कि मोबाइल डिवाइस से निजी जानकारी चुराने का मामला बेहद गंभीर है और ये देश को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
यूजर्स की निजी जानकारी को खतरा-
देश में बिकने वाले ज्यादातर फोन्स चीनी कंपनियों द्वारा बनाए जाते हैं। सरकार को ऐसा लगता है कि इस तरह के मामले चीन और भारत के बीच परेशानी खड़ी कर सकते हैं और इससे यूजर्स का निजी डाटा लीक किया जा सकता है।
डिजिटलीकरण के बाद बढ़े हैकिंग के मामले-
सरकार इस तथ्य को लेकर चिंतिंत है कि भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल ज्यादातर मोबाइल डिवाइसेस के जरिए ही किया जाता है। ऐसे में डिवाइसेस ऑनलाइन दुनिया के साथ कनेक्ट होने का एक मुख्य कारण है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डिजिटल ट्रांजेक्शन के बढ़ने के साथ हैकिंग और डाटा लीक की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई है।
यूसी ब्राउजर भी शक के घेरे में-
चीनी कंपनी अलीबाबा का इंटरनेट ब्राउजर यूसी ब्राउजर पर भारतीय यूजर्स का इंटरनेट डेटा चीन में भेजने के आरोप लगे हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार फिलहाल जांच कर रही है। जांच कर रहे अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में दोषी पाए जाने पर यूसी ब्राउजर को इंडिया में हमेशा के लिए बैन भी किया जा सकता है।


Click it and Unblock the Notifications








