ट्विटर की देखा-देखी फेसबुक ने भी अनाया हैशटैग# फीचर

Posted By:

अभी हम सिर्फ ट्विटर पर ही हैशटैग (#) का प्रयोग करते थे लेकिन अब फेसबुक ने भी इसे अपना लिया है। जैसे हम हैश टैग की मदद से ट्विटर पर ट्रेडिंग टॉपिक के बारे में जानकारी हासिल करते हैं वैसे ही अब फेसबुक में भी हमें हैश टैग की मदद से पता चल जाएगा कि कौन सा आर्टीकल ट्रेंडिंग में है।

पढ़ें: मोबाइल डेटा को सेफ रखने के 5 आसान तरीके

फेसबुक ने ये फैसला यूजर्स की सहूलियत और उनके रुझान को देखते हुए लिया। ट्विटर में हम जब भी किसी शब्‍द के पहल हैशटैग लगाते हैं तो वो शब्‍द लिंक में बदल जाता है उस लिंक पर क्लिक करते ही हमें पता चल जाता है कि कितने लोग उस टॉपिक पर बात कर रहे हैं। जैसे मानलीजिए आप #delhi लिखकर ट्विटर पर ट्विट करें तो वो एक लिंक में बदल जाएगा अब अगर कोई दूसरा व्‍यक्ति भी #delhi लिखकर कोई पोस्‍ट करता है तो इस तरह के सारे पोस्‍ट एक लिंक में आ जाएंगे।

पढ़ें: अपने स्‍मार्टफोन को चोरों से कैसे बचाएं

फेसबुक द्वारा अपनी साइट में किया गया इस तरह का पहला बदलाव है। ट्विटर के अलावा हैशटैग का प्रयोग पिनटरेस्‍ट, गूगल प्‍लस, लिंक्‍डअन, इंस्‍टाग्राम और टम्‍बलर में किया जाता है। हालाकि भारत में खबर लिखने तक हैशटैग का फीचर काम नहीं कर है लेकिन जल्‍द भारतीय यूजर भी हैशटैग का प्रयोग कर सकेंगे।

ट्विटर की देखा-देखी फेसबुक ने भी अनाया हैशटैग# फीचर

फेसबुक में कैसे प्रयोग करें हैशटैगफेसबुक में हैशटैग का प्रयोग करने के लिए कुछ खास करने की जरूरत नहीं बस आप जैसे साधारण तौर पर अपना फेसबुक स्‍टेट्स अपडेट करते हैं वैसे ही स्‍टेट्स

अपडेट लिखें और जिस शब्‍द को में हैशटैग लगाना चाहते हैं उसके पहले # का सिंबल बना दें।

उदाहरण: Social network Facebook has introduced #hashtags

इससे जिस शब्‍द में आपने # सिंबल बनाया होगा उसके ऊपर एक नीले रंग का बाक्‍स बनकर आ जाएग और साथ में लिंक भी बन जाएगा जब आप उस लिंक पर क्लिक करेंगे तो उस हैशटैग से जुड़े दूसरे पोस्‍ट भी आप पढ़ सकते हैं।

Please Wait while comments are loading...
कौशांबी में जलती चिता से पुलिस ने उठवाई लाश, जानिए वजह...
कौशांबी में जलती चिता से पुलिस ने उठवाई लाश, जानिए वजह...
गोरखपुर हादसे में डीएम ने सौंपी जांच रिपोर्ट, हुए चौंकाने वाले खुलासे
गोरखपुर हादसे में डीएम ने सौंपी जांच रिपोर्ट, हुए चौंकाने वाले खुलासे
Opinion Poll

Social Counting