Subscribe to Gizbot

शनीवार को अंतरिक्ष में होगी उल्का वर्षा

Posted By:

अंतरिक्ष में उल्का वर्षा की अपने तरह की पहली घटना शनिवार को घटने जा रही है। मानव इतिहास की यह अबतक की पहली घटना होगी। गुरुदेव वेधशाला से जुड़े अंतरिक्ष विज्ञानी दिव्यदर्शन डी. पुरोहित के अनुसार, उल्का वर्षा की यह अनोखी घटना पृथ्वी पर कहां से देखी जा सकेगी, यह तय नहीं है, लेकिन गणना के अनुसार, अमेरिका से इसके दिखने की संभावना 70 फीसदी है।

पढ़ें: काफी काम आएंगे ये पॉकेट गैजेट

पुरोहित ने बताया कि भारत में भी इसके दिखने की संभावना है, लेकिन मात्र 30 फीसदी। उन्होंने बताया कि भारत में शनिवार तड़के तीन बजे से सूर्योदय होने तक इसके दिखने की संभावना बन सकती है। उन्होंने बताया कि उल्का वर्षा की यह घटना दो घंटे तक रहेगी। उन्होंने बताया कि यह उत्तर दिशा में ध्रुव तारे के नीचे देखी जा सकेगी। वह सप्तऋषि और शर्मिष्ठा नक्षत्र के बीच में होगी।

पुरोहित ने बताया कि अमेरिका में यह सुबह 11.30 से अपराह्न् 1.30 बजे के बीच दिखाई दे सकती है। चूंकि यह पहला अवसर है, लिहाजा उसका सही अनुमान लगाना असंभव है। दुनिया के किसी अन्य स्थान भी दिखाई दे सकती है। पुरोहित के अनुसार, वर्ष भर में अलग-अलग उल्का वर्षा होती रहती है, जिसमें से मिथुन, ययाति, सिंह इत्यादि की वर्षा अद्भुत होती है। मगर कभी-कभी कुदरत खेल भी खेलता है, बिल्कुल नया खेल। इस बार कुछ ऐसा ही खेल होने वाला है।

पढ़ें: देखिए वीडियो: मुंबई में ड्रोन से हुई पिज्‍जा डिलीवरी

शनीवार को अंतरिक्ष में होगी उल्का वर्षा

पुरोहित ने बताया कि शनिवार को मानव इतिहास में पहली बार एक नई उल्का वर्षा होने वाली है। 209पी यानी की लीनियर नामक पुच्छल तारे की छोड़ी हुई धूल के पृथ्वी से टकराने से ऐसा होगा। उन्होंने बताया कि यह जिराफ/केमेलोपारदलिदस नक्षत्र के पास होगी इसीलिए उसे जिराफ की उल्का वर्षा नाम दिया गया है।

209पी यानी की लीनियर 2004 में खोजा गया यह कॉमेट 5.1 साल में सूर्य का चक्कर काटता है। छह मई को वह दूर के बिंदु पर था, मगर 29 मई, 2014 को वह पृथ्वी के सबसे नजदीक आ जाएगा। इसे टेलिस्कोप के जरिए देखा भी जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस कॉमेट की धूल, जो उसने अठाहरवीं सदी में छोड़ी थी, शनिवार प्रथम बार उल्का वर्षा करेगी।

पुरोहित के अनुसार, यह उल्का वर्षा चन्द्र पर भी हो सकती है। यानी टेलिस्कोप के जरिए इसे चन्द्रमा पर भी देखा जा सकता है। अगर भारत में वर्षा दिखी तो चन्द्र पर भी गिरती आप देख सकेंगे। उल्का वर्षा की रफ्तार 100 से 1000 प्रति घंटा हो सकती है।

Opinion Poll

Social Counting

पाइए टेक्नालॉजी की दुनिया से जुड़े ताजा अपडेट - Hindi Gizbot