ऑनलाइन पाइरेसी के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट

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    जिन वेबसाइटों पर पायरेटेड सामग्री होगी उनके लिए अब दो प्रमुख इंटरनेट सर्च इंजन के पहले पृष्ठ पर जगह पाना काफी मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि गूगल और माइक्रोसॉफ्ट (जो बिंग सर्च इंजन चलाती है) एक नए आचार नियमावली पर सहमत हुए हैं जिसे ब्रिटेन में ऐसी वेबसाइटों को सर्च इंजन में पदानुक्रम घटाने के लिए डिजायन किया गया है।

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    ऑनलाइन पाइरेसी के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट

    द टेलेग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक इस कोड की योजना ब्रिटेन के बौद्धिक संपदा कार्यालय ने बनाई है, जिसका लक्ष्य सर्च इंजनों, अवैध वेबसाइटों की तरफ ट्रैफिक मोड़ने से रोकना है।

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    इस आचार नियमावली के तहत गूगल और बिंग उन वेबसाइटों को हतोत्साहित करेंगे जिन्हें बार-बार कॉपीराइट उल्लंघन का नोटिस दिया गया है, ताकि सर्च करने पर पहले पृष्ठ पर न दिखें।

    ऑनलाइन पाइरेसी के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट

    हालांकि यह नियमावली स्वेच्छा से लागू करने की बात कही गई है, लेकिन कॉपीराइट पर नजर रखने वाली सरकारी संस्था अगले कुछ महीनों तक गूगल और बिंग पर नजर रखेगी कि वे इस नियमावाली का कितना पालन कर रहे हैं।

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    इससे फिल्म, टीवी और संगीत उद्योग को कितना फायदा मिलेगा, यह अभी साफ नहीं है। क्योंकि गूगल लंबे समय से यह तर्क देता रहा है कि पायरेसी वेबसाइटों पर जाने वाले ट्रैफिक का बहुत मामूली हिस्सा ही सर्च इंजनों से गुजरकर जाता है।

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    English summary
    American tech giants Microsoft, Google and Salesforce have officially adopted the EU-US Privacy Shield framework, enabling them to receive personal data from the European Union (EU) in compliance with the new standards.
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