दिल्ली में कैब सर्विस यूज करने वालों के लिए काफी बुरी खबर सामने आई है। खबरों के मुताबिक, ऐप बेस्ड कैब सर्विस में शेयरिंग विकल्प जल्द ही बंद किया जा सकता है। फिलहाल सरकार इस पर विचार कर रही है। सरकार का कहना है कि कानून कैब सर्विस में राइड शेयरिंग की इजाजत नहीं देता है। ऐसे में इसे बैन किया जा सकता है। पढ़ें- nbsp;जियो के लिए बेहद बुरी खबर, 120 मिलियन ग्राहकों का डेटा हुआ हैक ! पढ़ें- nbsp;इंडिया में कितने यूजफुल हैं डेटिंग ऐप्स, यहां जान लें हर हकीकत ! दिल्ली सरकार ने सिटी टैक्सी स्कीम 2017 का ड्राफ्ट तैयार किया है। इस ड्राफ्ट में कहा गया है कि कानून कैब सर्विस में राइड शेयरिंग की इजाजत नहीं देती है। ऐसे में इसे बैन किया जाने पर विचार किया जा रहा है। दिल्ली सरकार का कहना है कि वर्तमान टैक्सी कानून के अनुसार, कैब ड्राइवर किसी पैसेंजर को एक स्थान से पिकअप कर दूसरे स्थान पर ड्रॉप करता है। लेकिन मौजूदा कैब चालक अलग-अलग सवारी को अलग-अलग जगह से लेकर उन्हें दूसरी कई जगहों पर पहुंचाते हैं। इस सुविधा के लिए वर्तमान कानून में कोई नियम नहीं है। एक सरकारी ऑफिसर का कहना है, हम एप आधारित कैब सेवाओं के ऑपरेशन को नियंत्रित करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, स्कीम के कुछ फीचर्स को अभी भी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। लेकिन कैब शेयरिंग को निश्चित रूप से गैरकानूनी होने की वजह से अनुमित नहीं मिलेगी। माना जा रहा है कि सरकार फिलहाल जिस ड्राफ्ट पर काम कर रही है, उस पर जल्द ही इम्लिमेंट कर सकती है। दिल्ली सरकार का कहना है कि मानें तो कैब अलग-अलग यात्रियों को अलग अलग जगहों पर पिक या ड्रॉप नहीं कर सकतीं है। ये इजाजत केवल पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे बस या ऑटो आदि को दी जा सकती है। बता दें कैब एग्रीगेटर ओला और उबर जैसी एप बेस्ड टैक्सी सर्विस में राइड शेयरिंग ऑप्शन होता है, जिसके जरिए एक से अधिक ग्राहक एक ही कैब को शेयर कर सकते हैं। इससे ग्राहकों की जेब पर भी कम भार आता है। अगर ये ऑप्शन बैन होता है, तो लोगों को हर राइड पर ज्यादा पैसे चुकाने होंगे।