कृत्रिम मंगल मिशन में आग, रिसर्च स्टेशन खाक

By Rahul
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अमेरिका के उटा मरुस्थल में स्थापित कृत्रिम मंगल मिशन में आग लग गई, जिसमें यह खाक हो गया। मिशन में चार अंतरिक्षयात्रियों का दल काम कर रहा था और मंगल ग्रह पर जीवन के मनोवैज्ञानिक प्रभाव की पुनर्रचना की आशा में दो सप्ताह से वे एकांत वास पर था। हालांकि इस आग में कोई हताहत नहीं हुआ। समाचार पत्र 'डेली मेल' की बुधवार की रिपोर्ट की माने, दुर्भाग्यवश मार्स डेजर्ट रिसर्च स्टेशन (एमडीआरएस) में आग लग गई और 10 फीट ऊंची आग की लपटों ने पूरे स्टेशन को तबाह कर दिया।

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स्टेशन में मौजूद वैज्ञानिकों ने अपने स्तर पर एक घंटे तक आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। हालांकि दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर पहुंची मार्स सोसाइटी ने बताया कि कोई भी हताहत नहीं हुआ है।

उटा में हंक्सविले कस्बे के पास स्थापित रिसर्च स्टेशन में आग लगने की वजह विद्युत संचालन में असामान्य वृद्धि बताई गई है। रिसर्च स्टेशन के रूप में स्थापित दोमंजिला गोलाकार इमारत आठ मीटर व्यास वाले क्षेत्र में फैली थी, जिसमें लैबोरेटरी और वैज्ञानिकों के रहने की जगह बनाई गई थी। वेबसाइट 'स्पेस डॉट कॉम' के अनुसार, रिसर्च स्टेशन में दल के कमांडर निक ओरेन्सटीन ने सबसे पहले ग्रीन हाउस से धुंआ उठता देखा और स्थिति का जायजा लेने दौड़कर बाहर पहुंचे।

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कृत्रिम मंगल मिशन में आग, रिसर्च स्टेशन खाक

उन्होंने वेबसाइट को बताया, "वह ऐसा समय था, जब हमें लगा कि या तो लड़ना है या भागना है। हमें लड़ना था। दुर्घटना में ग्रीनहाउस जिसे ग्रीनहैब भी कहते हैं, पूरी तरह नष्ट हो गया। जांच में पता चला कि पास ही रखे इलेक्ट्रिकल हीटर में आग लगी थी, जो तेजी से पूरे स्टेशन में फैल गई। उटा और आर्कटिक में स्थापित किए गए मंगल मिशन का उद्देश्य अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और अंतरिक्षयात्रियों को मंगल ग्रह की यात्रा के दौरान के अनुभवों से परिचित करना है।

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