टेलिकॉम कंपनियों को भरने होंगे 92,000 करोड़

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इन दिनों टेलिकॉम कंपनियां तनाव के दौर से गुज़र रही है। जिसका सीधा सा कारण है AGR के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला। दरअसल, टेलिकॉम कंपनियों को एजीआर (एडजस्टेबल ग्रॉस रेवेन्यू) मुद्दे पर केंद्र को लगभग 92,000 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था।

टेलिकॉम कंपनियों को भरने होंगे 92,000 करोड़

 

हालांकि भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया, टाटा टेलीसर्विसेज ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए पुनर्विचार याचिका भी दायर की है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर कंपनियों पर साफ दिखाई दे रहा है जिसके चलते कंपनियों ने अपने मोबाइल प्लाइन्स में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है।

दिसंबर से महंगे होंगे प्लान्स

फैसला आने के बाद सबसे पहले वोडाफोन आइडिया ने दिसंबर से प्लान्स में बढ़ोतरी की घोषणा की। उसके कुछ वक्त के बाद भारती एयरटेल की भी घोषणा सामने आई और फिर रिलायंस जियो ने भी अपने यूज़र्स को एक बड़ा झटका दिया। अभी एक के बाद एक बढ़ोतरी की घोषणाओं का दौर जारी ही था कि इसी बीच बीएसएनएल ने भी अपने प्लान्स महंगे कर दिए हैं। बता दें कि सारी कंपनियों के प्लान्स दिसंबर की शुरूआत से ही महंगे हो जाएंगे।

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हालांकि अभी टेलिकॉम कंपनियों ने साफ नहीं किया है कि प्लान्स में कितनी बढ़ोतरी की गई है। लेकिन Deccan Herald की एक रिपोर्ट की मानें तो प्राइवेट कंपनियां 20 फीसदी से प्लान्स की कीमतों में इज़ाफा कर सकती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अलग-अलग इंडस्ट्री सूत्रों ने ये पुष्टि की है कि सारे रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में संभवत: 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाएगी। हालांकि कीमतों में बढ़ोतरी रिचार्ज प्लान्स की कीमत पर निर्भर करती है।

आपकी जेब पर कितना भार पड़ेगा

अगर 20 फीसदी का इज़ाफा होता है तो सस्ते प्लान्स पर ज़्यादा असर देखने को नहीं मिलेगा लेकिन महंगे प्लान्स में इजाफे से यकीनन आपकी जेब पर असर पड़े सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि टेलीकॉम कंपनियां इंक्रीमेंटल आधार पर कीमतों में बढ़ोतरी करने का प्लान तैयार कर रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पोस्टपेड यूज़र्स के बजाए प्रीपेड यूज़र्स पर इसका असर पड़ेगा। यानी कुल मिलाकर टेलीकॉम कंपनियों के सारे रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में यूनिफॉर्म तरीके से बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। ऐसे में जो लोग 100 रुपये के अंदर के प्लान्स अभी यूज़ करते हैं उन्हें कम प्रभाव पड़ेगा। देखना दिलचस्प होगा कि क्या कीमतों के अलावा वॉयस और डेटा के फायदों में भी कोई प्रभाव पड़ता है।

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English summary
The telecom companies were directed to pay about Rs 92,000 crore to the Center on the AGR (Adjustable Gross Revenue) issue. However, Bharti Airtel, Vodafone Idea, Tata Teleservices have also filed a review petition challenging the Supreme Court order. .

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