ये है UC Browser को गूगल प्लेस्टोर से हटाने की वजह, कंपनी ने दिया बयान
अली बाबा के मोबाइल कारोबार का हिस्सा पॉपुलर यूसी ब्राउजर को सोमवार को अचानक प्लेस्टोर से हटा लिया गया। इस मामले में कई रिपोर्ट सामने आईं जिसमें इसे हटाने के कई कारण बताए गए। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले पर यूसी ब्राउजर ने अब अपना स्टेटमेंट जारी कर दिया है। अपने स्टेटमेंट ने गूगल द्वारा प्लेस्टोर से ऐप को हटाए जाने की वजह के बारे में भी बताया। यूसी ब्राउजर के अनुसार, यूसी ब्राउजर ऐप को गूगल प्लेस्टोर से अस्थाई तौर पर हटाया गया है, क्योंकि ऐप की सेटिंग्स गूगल की पॉलिसी के हिसाब से फिट नहीं थीं।

यूसी ब्राउजर पर भारत की यूजर्स की जानकारी कलेक्ट कर चीन भेजने और जासूसी जैसे आरोप लग चुके हैं। ऐप के इस तरह प्लेस्टोर से हटाने के पीछे इस वजह को भी माना जा रहा था।
अब यूसी ब्राउजर ने अपने बयान में कहा, "हमें गूगल प्ले ने यह जानकारी दी है कि प्ले स्टोर से UC Browser को अस्थाई तौर पर हटाया गया है। यह 7 दिनों तक के लिए है जिसकी शुरुआत 13 नवंबर से हुई है। इसके पीछे की वजह ये है कि UC Browser के कुछ सेटिंग्स गूगल के पॉलिसी के हिसाब से फिट नहीं है। हम इस समस्या को सलझाने के लिए तत्काल इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दी है।"
बता दें कि प्लेस्टोर पर यूसी ब्राउजर मिनी पर उपलब्ध है और यूसी ब्राउजर ने अपने बयान में ये भी कहा, "जब तक UC Browser गूगल प्ले स्टोर पर नहीं आता, तब तक के लिए यूजर्स प्ले स्टोर से UC Browser Mini डाउनलोड कर सकते हैं जो UC Browser का दूसरा ऑल्टरनेट ऑप्शन है।" यूसी ब्राउजर ने कहा कि अगले हफ्ते तक उनका नया प्रॉडक्ट पैकेज गूगल प्लेस्टोर पर होगा।
बता दें कि भारत में गूगल के क्रोम के बाद UC ब्राउजर दूसरा सबसे ज़्यादा यूज़ किया जाने वाला ब्राउजर है। ये अलीबाबा के मोबाइल कारोबार ग्रुप का हिस्सा है। अलीबाबा ने paytm में काफी बड़ा निवेश किया है और उसने स्नैपडील में भी पैसा लगाया है। यूसी ब्राउजर ने पिछले साल दावा किया था कि भारत और इंडोनेशिया में उसके 10 करोड़ से ज़्यादा मंथली एक्टिव यूजर्स हैं।


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