आजकल भारत में लोगों को ओटीपी पाने में दिक्कत क्यों हो रही है...?
टेलिकॉम रेगूलेटरी ऑथिरिटी ऑफ इंडिया यानि (TRAI) ट्राई ने स्पैम संदेशों के लिए नए नियमों को निलंबित कर दिया है क्योंकि कई लोग ई-कॉमर्स कंपनियों और बैंकों से ओटीपी संदेश प्राप्त करने में समस्या का सामना कर रहे हैं। इस नए नियम का नाम एसएमएस स्क्रबिंग है। विशेष रूप से, टेलिकॉम रेगूलेटर ने नए नियमों को केवल सात दिनों के लिए निलंबित किया है, क्योंकि भारतीय बैंक संघ और RBI इस नए नियम को पोस्टपोनमेंट कराना चाहता है।

TRAI ने अपने नए नियम को किया निलंबित
इससे पहले, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने आरबीआई के इस अनुरोध को नकार दिया था था क्योंकि सभी टेलिकॉम ऑपरेटर्स को रिमाइंडर पहले ही भेजे जा चुके थे। हालांकि, अनुरोध पर विचार करने के बाद, ट्राई ने नए नियमों को सात दिनों के लिए संस्पेंड किया है। ट्राई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ईटी के हवाले से बताया, "हम किसी भी ग्राहक की असुविधा के मामलों से चिंतित हैं और इसलिए हमने सोमवार को एक्टिव होने वाले एसएमएस स्क्रबिंग को सात दिनों के अस्थायी निलंबन का आदेश दिया है।"

TRAI का नया SMS Regulation क्या है...?
इस साल फरवरी में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने ट्राई को अनचाहे और अनजान मैसेजों और कॉल्स को रोकने के लिए नए टेलिकॉम वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता नियमन को लागू करने के लिए कहा था जो अंततः धोखाधड़ी का कारण बनते हैं। ट्राई ने यह भी कहा कि ग्राहकों को भेजने से पहले सभी मैसेजों को सत्यापित यानि उसकी जांच की जाना चाहिए। इसके लिए रजिस्टर्ड किया गया है। इसमें नोटिफिकेशन, वेरिफिकेशन कोड और सभी प्रकार के ओटीपी शामिल हैं, जो कंपनियों द्वारा लेनदेन करने के लिए भेजे जाते हैं।

TRAI की डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (DLT) प्लेटफॉर्म क्या है?
डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (डीएलटी) एक ब्लॉकचेन सिस्टम है, जहां ग्राहकों को मैसेज भेजने से पहले टेली मार्केटर्स को खुद को रजिस्टर करना पड़ता है। इसे विशेष रूप से मार्केटिंग फर्म्स से आने वाले स्पैम संदेशों और कॉल को नियंत्रित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
DLT प्लेटफ़ॉर्म उन सभी लेनदेन को रिकॉर्ड करता है जो सभी पार्टिसिपेंट्स द्वारा किए गए हैं। TRAI ने यह भी कहा कि किसी भी ग्राहक को कोई भी मैसेज भेजने से पहले टेली मार्केटर्स को खुद को इसी सेम प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर करना हर हाल में अनिवार्य होगा।
कई ऑपरेटर्स ने अपने आपको इस प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर किया है और इसी टेक्नोलॉजी को लागू किया है ताकि वे अपने ग्राहकों को अधिक पारदर्शिता के साथ सुविधाएं प्रदान कर सकें और मैसेजों के जरिए होने वाले फाइनांशियल फ्रॉड्स से बचा सके। यह काफी आश्चर्यजनक है कि, क्योंकि डीएलटी प्लेटफॉर्म लॉन्च करने के बाद भी टेलिकॉम ऑपरेटर्स अपने ग्राहकों को "डू नॉट डिस्टर्ब" सेवाओं दे रहे हैं।
8 मार्च को लागू किया गया नया नियम
आपको बता दें कि यह नया रेगूलेशन सोमवार (8 मार्च, 2021) को लागू किया गया था; हालाँकि, इसे बड़े व्यवधान का सामना करना पड़ा क्योंकि लोगों को मैसेज, ओटीपी और अन्य नोटिफिकेशंस प्राप्त करने के समस्याएं होनी शुरू हो गई थी। इसमें नेट बैंकिंग, रेलवे टिकट बुकिंग, आधार-सक्षम लेनदेन, क्रेडिट कार्ड लेनदेन और कोविड-19 वैक्सीन के लिए खुद को रजिस्टर्ड करते समय ओटीपी प्राप्त करने जैसी सभी सेवाएं शामिल हैं, जिनके मैसेज और ओटीपी आने में दिक्कतें हो रही थी।

40-50% सेवा हुई बाधित
इस बीच, ईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक ही दिन में 40 से 50 प्रतिशत सेवाएं बाधित हुई हैं। एक अखबार के हवाले से बताया गया है, '' कंटेंट स्क्रबिंग के कारण 50 प्रतिशत ट्रैफिक प्रतिशत गिर गया। एचडीएफसी और एसबीआई सहित भारत के शीर्ष बैंकों के अधिकारी बेहद गुस्से में हैं और ट्राई को जल्द से जल्द संबोधित करने के लिए कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर, टेलिकॉम ऑपरेटर्स ने कहा कि डीएलटी भारत में व्यवधानों का कारण बनता है।

SMS Fraud से कैसे बजें
इसके लिए आपको अपने बैंक के टोल-फ्री नंबर के माध्यम से अपने खाते की शेष राशि यानि अकाउंट बैलेंज की जाँच करते रहनी चाहिए। आप अपने बैंक के एप्लिकेशन को भी इंस्टॉल कर सकते हैं और सभी गतिविधियों की जांच कर सकते हैं। अपने नेटबैंकिंग के पासवर्ड को निरंतर अंतराल पर बदलते रहें और उसे किसी से भी शेयर ना करें। अपने बैंक डीटेल्स की जांच के लिए आप अपने बैंक भी जा सकते हैं।


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