भारत-पाकिस्तान परमाणु युद्ध का भयानक होगा अंजाम, नहीं बचेगा एक भी इंसान

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आजकल भारत में सबसे ज्यादा चर्चा पाकिस्तान की होती है और पाकिस्तान में भारत की। इसका कारण दोनों देशों का बढ़ता जा रहा तनाव है। पिछले 20 दिनों में बहुत सारी ऐसी घटनाएं हुई हैं जिसने दोनों देशों के बीच काफी तनाव पैदा कर दिया है। इस तनाव की वजह से सिर्फ भारत और पाकिस्तान ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया चिंता में है। आप सोच रहें होंगे कि ऐसा क्यों है। ऐसा इसलिए हैं कि इन दिनों दोनों देशों में युद्ध की बातें चल रही है।

भारत-पाकिस्तान परमाणु युद्ध का भयानक होगा अंजाम, नहीं बचेगा एक भी इंसान

दोनों देशों में युद्ध की बातें
 

दोनों देशों में युद्ध की बातें

दोनों देशों की मीडिया, सरकारें और ज्यादातर लोग युद्ध की बातें कर रहे हैं। भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु हथियारों से लैस हैं। लिहाजा, दोनों के बीच परमाणु युद्ध की बातें भी हो रही हैं। इसी वजह से अमेरिका से लेकर रूस तक सभी देश चिंता में डूबे हुए हैं, क्योंकि अगर भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध हुआ तो उसका बहुत बुरा असर पूरी दुनिया पर होगा। आइए, आपको बताते हैं कि भारत-पाकिस्तान के बीच अगर परमाणु युद्ध हुआ तो उसका क्या अंजाम होगा।

14 फरवरी को पुलवामा अटैक

14 फरवरी को पुलवामा अटैक

14 फरवरी, 2019 के दिन भारत के कश्मीर स्थित पुलवामा में एक आत्मघाती आतंकी हमला हुआ। यह हमला सीआरपीएफ के एक बड़े खाफिले पर हुआ, जिसमें 40 से ज्यादा सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए और अनेकों घायल हो गए। इस घटना की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। जैश-एम-मोहम्मद का हेडक्वार्टर और लॉन्च पैड्स पाकिस्तान के कई इलाकों में स्थित है।

26 फरवरी ने भारत ने की एयर स्ट्राइक
 

26 फरवरी ने भारत ने की एयर स्ट्राइक

इस आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने अपनी सेना की कार्यवाई करने की खुली छूट दी। जिसके बाद 26 फरवरी को तड़के करीब 3.30 बजे के आस-पास भारतीय वायुसेना ने पीओके (पाकिस्तान प्रसारित कश्मीर) और पाकिस्तान के बालाकोट समेत कई इलाकों में एयर स्ट्राइक कर दी। भारत का दावा है कि इस एयर स्ट्राइक में पाकिस्तान में स्थित जैश के कई आतंकी लॉन्च पैड को तबाह कर दिया गया। इसके साथ ही 250-300 आतंकवादियों के मारे जाने की भी बात कही जा रही है।

27 फरवरी को पाकिस्तान वायुसेना ने किया हमला

27 फरवरी को पाकिस्तान वायुसेना ने किया हमला

भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक से घबराया और परेशान पाकिस्तान ने अगले दिन यानि 27 फरवरी के सुबह करीब 7 बजे के आस-पास भारत में एयर स्ट्राइक करने की कोशिश की, जिसे भारतीय वायुसेना ने नाकाम कर दिया। इसके बाद दोनों देशों की वायुसेना में कुछ देर संघर्ष हुआ। भारत के अनुसार इस लड़ाई में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के एक एफ-16 को मार गिराया वहीं भारत को मिग-21 का भी नुकसान झेलना पड़ा। भारतीय मिग-21 के पायलट अभिनंदन दुर्भाग्यवश पाकिस्तान में चले गए और पाकिस्तानी फौज ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत के वीर जवान अभिनंदन को वापस भी किया।

फोटो क्रेडिट:- Nikkei Asian Review

सोशल मीडिया पर युद्ध की मांग

सोशल मीडिया पर युद्ध की मांग

इन सभी घटनाओं की वजह से दोनों देशों का तनाव चरम सीमा पर है। दोनों देश के अधिकतर लोग युद्ध की बातें कर रहे हैं। भारत की बात करें तो यहां के भी कई लोग सोशल मीडिया पर यह कहते हुए दिख रहे हैं कि इस बार परमाणु युद्ध ही क्यों ना हो लेकिन पाकिस्तान का किस्सा हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहिए हैं इस वजह से दुनियाभर के कई ताकतवर देश भी चिंता में हैं।

लोगों को युद्ध के परिणाम बताना जरूरी

लोगों को युद्ध के परिणाम बताना जरूरी

ऐसे में हमें यहां यह बताना काफी जरूरी लग रहा है कि आखिर परमाणु युद्ध का परिणाम क्या होगा। दोनों देशों की सेना और सरकार तो इस युद्ध का परिणाम काफी अच्छे से जानते हैं लेकिन शायद दोनों देशों के कई लोग इस भयानक युद्ध के भयावह परिणाम के बारे में नहीं जानते हैं। आइए हम आप सभी को बताते हैं।

भारत की परमाणु शक्ति

भारत की परमाणु शक्ति

सबसे पहले हम दोनों देशों की परमाणु शक्ति की बात करते हैं। इंडियन न्यूकिलयर फोर्स, 2018 के द्वारा प्रकाशित 1 नवंबर की रिपोर्ट के मुताबिक हमने यहां एक टेबल दिखाई है, जिसमें दर्शाया गया है कि भारत के पास कितनी परमाणु क्षमता है। आपको बता दें कि फिलहाल परमाणु क्षमता 4 मानकों पर आधारित है, जिसमें एयरक्राफ्ट, लैंड बेस्ड बैलेस्टिक मिसाइल, सी (समुद्र) बेस्ड बैलेस्टिक मिसाइल और ग्राउंड एंड एयर लॉन्च्ड क्रूस मिसाइल शामिल हैं।

भारत के 4 प्रकारों में से अभी 3 प्रकार के परमाणु मिसाइल हैं। जिनकी कुल संख्या 130-140 है। आपको बता दें कि भारत लैंड बेस्ड बैलेस्टिक मिसाइल में "अग्नि-IV" का भी दिसंबर 2018 में सफल परिक्षण किया गया था। वहीं "अग्नि-V" को भी 2020 तक शामिल करने का लक्ष्य है। भारत के पास वायुसेना और जलसेना में भी परमाणु हथियार हैं लेकिन ग्राउंड एंड एयर लॉन्च्ड क्रूस मिसाइल अभी नहीं है। हालांकि भारत जल्द ही ग्राउंड एंड एयर लॉन्च्ड क्रूस मिसाइल को भी शामिल करने वाला है, जिसका नाम निर्भय है।

पाकिस्तान की परमाणु शक्ति

पाकिस्तान की परमाणु शक्ति

इसी तरह पाकिस्तानी न्यूकिलयर फोर्स, 2018 के द्वारा प्रकाशित 31 अगस्त, 2018 के मुताबिक भी हमने यहां एक टेबल दिखाई है, जिसमें पाकिस्तानी का परमाणु शक्ति क्षमता दो दिखाया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के पास फिलहाल कुल 140-150 परमाणु मिसाइल्स हैं। इनमें पाकिस्तान के पास फिलहाल समुद्री परमाणु नहीं है, जिसपर वह काम कर रहा है लेकिन उनके पास ग्राउंड एंड एयर लॉन्च्ड क्रूस मिसाइल है, जिसपर फिलहाल भारत काम कर रहा है। इसके अलावा पाकिस्तान के पास 'डर्टी बम' नामक एक परमाणु हथियार भी है। इसमें अत्यधिक खतरनाक रेडीयोधर्मी पदार्थ और आवणिक प्रक्षेपास्त्र होता है। इसके प्रयोग से लगभग 12 करोड़ लोग तत्काल प्रभावित हो सकते हैं।

2 करोड़ से ज्यादा लोग तत्काल मर जाएंगे

2 करोड़ से ज्यादा लोग तत्काल मर जाएंगे

आपको बता दें कि भारत ने परमाणु शक्ति को शामिल करने के साथ एक नीति बनाई है, जिसके तहत भारत किसी पर भी पहले परमाणु हमला नहीं करेगा। ऐसे में अगर युद्ध हुआ तो पहला हमला पाकिस्तान ही करेगा और उस परिस्थिति में भारत के दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर, चेन्नई समेत तमाम बड़े शहर तबाह हो जाएंगे। इसके अलावा पाकिस्तान के मध्यम और कम रेंज वाले परमाणु हथियार से दिल्ली, चंडीगढ़, आगरा, अहमदाबाद समेत कई शहर तबाह हो जाएंगे।

वहीं अगर भारत ने पाकिस्तान के ऊपर परमाणु हमला किया तो पाकिस्तान के सभी शहरों समेत अफगानिस्तान के भी कुछ हिस्से प्रभावित हो सकते हैं। पाकिस्तान के तमाम बड़े शहर तबाह हो जाएगें। 2007 में 3 यूएस यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने पेश किया था कि अगर भारत-पाकिस्तान के बीच न्यूक्लियर युद्ध छिड़ जाए तो सीधे तौर पर 2 करोड़ से ज्यादा लोगों की मौत होगी और दुनिया की आधी ओजोन परत खत्म हो जाएगी। इसके अलावा पूरी दुनिया के मौसम पर भी बहुत बुरा फर्क पड़ेगा और खेती बर्बाद हो जाएगी। यूएस के 3 यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स के मुताबिक एक क्लियर हथियार 15 किलोटन हिरोशिमा वाले बम के बराबर है।

फोटो क्रेडिट:- Inside Science

हिरोशिमा हमले से कई गुना भयानक होगा

हिरोशिमा हमले से कई गुना भयानक होगा

इसका मतलब है कि 71 साल पहले जापान के हिरोशिमा पर हुए परमाणु हमले से कई गुणा ज्यादा असरदार अब के परमाणु हथियार होंगे। जिसका प्रभाव भी कई गुणा ज्यादा होगा। आजतक के एक रिपोर्ट के मुताबिक इंटरनेशनल फीजिशियंस फॉर द प्रिवेंशन ऑफ न्यूक्लियर वार (आईपीपीएनडब्ल्यू) के सह अध्यक्ष एरा हेलफांद ने वर्ष 2013 में कहा था कि, अभी मौजूद शस्त्रागार के सिर्फ एक अंश का प्रयोग करके भी परमाणु युद्ध करने से वैश्विक स्तर पर पहले सोची गई संख्या के से भी कहीं अधिक संख्या में लोगों की मौत होगी।

आजतक के ही एक रिपोर्ट के मुताबिक 2012 में किए गए अध्ययन में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आईपीपीएनडब्ल्यू और फिजिशियंस फॉर सोशल रिस्पांसिबिलिटी ने कहा था कि परमाणु हमले से पैदा अकाल के कारण एक अरब से अधिक लोगों की मौत हो सकती है।

सबसे पहला बुरा प्रभाव

सबसे पहला बुरा प्रभाव

जिस जगह पर भी परमाणु विस्फोट होगा वहां काफी तेज चमक के साथ एक काफी भयानक आग का गोला उठेगा, जो कई किलोमीटर तक के क्षेत्रों तक सबकुछ जलाकर राख कर देगा। इसके अलावा यह आग गोला वातावरण की सारी हवा को खिंचकर कई किलोमीटर तक के क्षेत्र से हवा गायब कर देगा यानि वायुशून्य कर देगा। आपको बता दें कि यह प्रभाव परमाणु प्रक्षेपास्त्र की क्षमता निर्भर करेगा कि वो कितना भयानक प्रभावकारी होगा।

उस विस्फोट से होने वाली चमक इतनी तेज और खतरनाक होगी कि उससे कई सैंकड़ों लोग अंधे हो जाएंगे। इस हमले से उत्पन्न होने वाली तरंगों की चपेट में आने वाली सबकुछ नष्ट हो जाएगी। इसकी चपेट में आने वाले इंसान, पशु, जीव सभी जलकर भष्म हो जाएंगे। इसके अलावा अगर परमाणु हमला 6 मेगाटन से ज्यादा का हुआ तो वो पूरे शहर के पर्यावरण को वनस्पति तथा पारिस्थिति तंत्र से विहीन कर देगा, यानि उस शहर में दोबारा जीवन जीना संभव नहीं हो पाएगा।

दूसरा बुरा प्रभाव

दूसरा बुरा प्रभाव

पर्यावरण वैज्ञानिकों के मुताबिक परमाणु विस्फोट से भारी मात्रा में कार्बन गैस निकलेगी। यह गैस कुछ ही देर में विस्फोट होने वाले क्षेत्र समेत आस-पास के इलाकों में बादलों को ढक देगी। जिसकी वजह से उन इलाकों में सूर्य की रोशनी नहीं पहुंच पाएगी। इस काले और घने कार्बन के बादलों से अम्ल वर्षा यानि एसिड रेन बरसेगी, जिससे लाखों-करोड़ों लोग मारे जाएंगे। इस बादल को छंटने में कई साल लग जाते हैं। यानि इस दौरान कार्बन के बादलों से लगातर एसिड वर्षा होती रहेगी और लोग मरते रहेंगे।

तीसरा बुरा प्रभाव

तीसरा बुरा प्रभाव

लोगों के मरने के अलावा इस कार्बन बादल की वजह से मौसम में काफी बड़ा बदलाव आएगा। वैज्ञानिकों के अनुसार कार्बन के बादलों की वजह से पृथ्वी के एक बड़े हिस्से से ओजोन परत नष्ट हो जाएगी। जिसकी वजह से अल्ट्रा वॉयलेट रेय्स यानि पराबैंगनी किरणें सीधा पृथ्वी पर पड़ेंगी और पर्यावरण को काफी बुरा नुकसान पहुंचाएगी। वैश्विक नमी में कमी आ जाएगी, जिससे वर्षा कम हो जाएगी और भीषण तूफान आएंगे। किसान खेती नहीं कर पाएंगे। खाने के लिए फसलें पदा नहीं हो पाएंगी और अरबों की संख्या में लोग भुखमरी के शिकार हो जाएंगे।

चौथा बुरा प्रभाव

चौथा बुरा प्रभाव

परमाणु यूद्ध के बाद बहुत बड़ा विनाश देखने को मिलेगा। बहुत बड़ी मात्रा में जनहानि, संपत्ति हानि होगी। आर्थिक, शारीरिक और समाजिक हर तरफ से अकाल्पनिक हानि होगी। इस हानि से निकलने में सरकार को कई दशक लग जाएंगे। इस दौरान देश में बेरोजगारी, गरीबी, भुखमरी बहुत बढ़ जाएगी। जिसकी वजह से अपराध और जातीय संघर्ष भी काफी बढ़ जाएगा। इन कारणों की वजह से देश में आतंरिक सुरक्षा और कई समस्याएं जैसे गृहयुद्ध, सैन्य विद्रोह, आशांति, आरजकता, गुलामी का खतरा भी बढ़ जाएगा।

पांचवा और सबसे बुरा प्रभाव

पांचवा और सबसे बुरा प्रभाव

कोई भी देश आर्थिक संकट से उबर सकता है लेकिन अगर जीवन के अस्तित्व पर ही खतरा आ जाए तो क्या होगा...? जापान पर करीब 75 वर्ष पहले परमाणु हमला हुआ था, जिसका असर अभी तक कायम है। वहीं अब 75 वर्षों के बाद परमाणु हथियार पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली हो गए हैं तो कल्पना कीजिए कि नुकसान कितना खतरनाक होगा। न्यूयॉर्क टाइम्स के एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध होता है तो 1.5 करोड़ तत्काल मारे जाएंगे। इसके अलावा अगले 20 सालों तक परमाणु हमले के प्रभाव की वजह से करोड़ों लोग मरते रहेंगे। वहीं इन सबसे बड़ा खतरा यह है कि भारत-पाकिस्तान के परमाणु युद्ध के बाद मानव जाति का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा।

आधी दुनिया से जीवन खत्म हो जाएगा

आधी दुनिया से जीवन खत्म हो जाएगा

यहां हमने आपको परमाणु युद्ध के कुछ बेहद खराब, खतरनाक, भयानक और भयावह अंजाम को बताया। आप जानते हैं कि इस वक्त भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का कारण आतंकवादी हमला है। आपको बता दें कि एक आंकड़ों के अनुसार आतंकवादी हमलों की वजह से पिछले 20 सालों में जितने लोगों की जान गई है, उससे 2,500 गुना से भी ज्यादा लोगों की जान सिर्फ एक बार के परमाणु युद्ध में चली जाएगी। इसके अलावा दुनियाभर के कई देशों में जीवन जीना ही दुर्लभ हो जाएगा।

विनाशकारी परमाणु से भविष्य खत्म

विनाशकारी परमाणु से भविष्य खत्म

लिहाजा जिन देशों के पास भी परमाणु हथियार हैं वो धरती पर जीवन के संकट हैं। इस वजह से आजतक की रिपोर्ट के अनुसार इंटरनेशनल फीजिशियंस फॉर द प्रिवेंशन ऑफ न्यूक्लियर वार (आईपीपीएनडब्ल्यू) के सह अध्यक्ष एरा हेलफांद ने कहा था कि, "दुनिया भर के जिन-जिन देशों के पास परमाणु हथियार हैं और जिनके पास नहीं हैं, उन्हें परमाणु युद्ध के खतरों से निपटने के लिए मिलकर काम करना चाहिए और इसके लिए हमें परमाणु हथियारों को नष्ट करना चाहिए."

हमारी इस रिचर्स और रिपोर्ट को पढ़ने के बाद आप समझ गए होंगे कि परमाणु युद्ध होना चाहिए या नहीं। वहीं दोनों देशों में परमाणु युद्ध की चाह रखने वाले लोगों को भी समझ आ गया होगा कि उसका अंजाम कितना भयानक होगा। उस युद्ध के बाद चाह रखने वाले लोग और उनका अस्तित्व भी खतरे में पड़ जाएगा।

भारत-पाकिस्तान परमाणु युद्ध का भयानक होगा अंजाम, नहीं बचेगा एक भी इंसान

फोटो क्रेडिट:- peaceinsight.org

लिहाजा हम यहीं चाहते और उम्मीद करते हैं कि भारत-पाकिस्तान के बीच में तनाव कम हो। दोनों देश आपसी मसलों पर शांति से सुलझाए और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़े। इसी में सबकी भलाई है।

(इस आर्टिकल के रिसर्च के लिए हमने आजतक, इंडिया स्पेंड, द क्विंट और वेब दुनिया वेबसाइट की मदद ली है.)

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English summary
There have been considerable stressful incidents between Indo-Pak in the last 20 days. Because of this, things are going to war and nuclear war. For this reason, all countries from the US to Russia are deeply concerned, because if there is a nuclear war between Indo-Paki, then its worst impact will be on the whole world. Let's tell you what will be the effect.

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