PUBG खेलने पर अब मिलेगी सजा, जानिए कितने महीनों की होगी जेल
PUBG गेम भारत समेत पूरी दुनिया में काफी लोकप्रिय हो चुका है। भारत में पबजी का क्रेज इस कद्र बढ़ गया है कि रोजाना किसी ना किसी हादसे की ख़बरें आने लगी है। इस वजह से इस गेम को बैन करने की मांग ने अब तूल पकड़ लिया है। हमने आपको इस गेम के बुरे प्रभाव की कई ख़बरें बताई हैं।

जिसमें एक बच्चे ने सुसाइड कर लिया तो एक ने पानी की जगह एसिड पी लिया। ऐसे ही और भी कई बुरी ख़बरें रोजाना आ रही है। ऐसे में कई राज्यों में इस गेम को बैन करने की मांग तेज हुई और कुछ राज्यों ने बैन कर भी दिया। इनमें से एक राज्य का नाम गुजरात है।
गुजरात में पबजी बैन
गुजरात में भी इस गेम को बैन कर दिया गया है। बैन होने के बाद पबजी खेलने वाले कुछ युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है। अहमदाबाद और राजकोट की पुलिस ने करीब दो दर्जन से ज्यादा पबजी खेलने वाले युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि इस गेम की हिंसक प्रवृति से बच्चों और युवाओं में बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इस गेम की वजह से बच्चों में हिंसक मानसिकता बढ़ती जा रही है। इस वजह से इस गेम को खेलने से रोकना जरूरी हो गया है। आइए अब आपको बताते हैं कि पबजी खेलने से यूजर्स पर कौन-कौनसी धारा लगाई जाएगी।
पबजी खेलने पर जेल
गुजरात में इस गेम को बैन करने के बाद पुलिस को यह अधिकार मिल गया है कि वह इस नियम को तोड़ने वाले व्यक्ति तो गिरफ्तार कर सकती है। हाल ही में इस नियम को तोड़ने की वजह से गुजरात के राजकोट से करीब 16 और अहमदाबाद से भी करीब 10 से ज्यादा युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने उनपर इंडियन पैनल कोड यानि भारतीय संविधान की धारा 188 और गुजरात पुलिस एक्ट 135 लगाई है। इन धाराओं के तहत पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। आपको बता दें कि इन धाराओं में तुरंत जमानत मिल जाती है।
पबजी खेलने पर कितनी सजा
किसी व्यक्ति द्वारा अधिसूचना का उल्लंघन करने पर ये धाराएं लगती है और उन्हें गिरफ्तार किया जाता है। हालांकि इस मामले में तुरंत जमानत मिलने का भी प्रावधान है। जिसके बाद आगे की कार्यवाई कोर्ट करता है। इसके अलावा भारतीय संविधान की धारा 188 का भी ऐसे लोगों पर लगाई जाती है, जो कि एक मामूली अपराध की गिनती में आती है।
किसी के द्वारा किसी नियम को तोड़ने पर यह धारा लगाई जाती है। इसके तहत आरोपी को एक महीने की जेल और 200 रुपए का फाइन किया जाता है। इसके अलावा दूसरी धारा 135 GPA है। यह धारा तब लगाई जाती है, जब कोई ऐसा काम करें जिससे सार्वजनिक शांति भंग होती है। इस अपराध में आरोपी को अधिकतम एक वर्ष की जेल और जुर्माना लगाने का प्रावधान है। इस मामले में भी तुरंत जमानत मिल जाती है।
मोबाइल वर्जन आने के बाद बढ़ी लोकप्रियता
पबजी गेम पहले डेक्सटॉप पर खेला जाता था लेकिन जबसे इस गेम का मोबाइल वर्जन लॉन्च हुआ है, तभी से इस गेम को लोकप्रियता काफी बढ़ गई है। मोबाइल वर्जन की वजह से कोने-कोने तक इस गेम ने अपनी पहुंच बना ली है। एक आंकड़ों के मुताबिक पूरी दुनिया में 20 करोड़ से ज्यादा लोग इस गेम को खेल रहे हैं।
गेम मेकर्स को रखना चाहिए ध्यान
गुजरात में पबजी को बैन किया गया है। लिहाजा वहां पबजी खेलकर नियम तोड़ने वाले लोगों पर इन दो धाराओं के तहत कार्यवाई की जाएगी। आपको बता दें कि चीन में भी इस गेम पर कुछ पाबंदियां लगाई गई है। चीन में 13 साल तक के बच्चों के लिए पबजी के बैन कर दिया गया है। भारत में भी इस गेम के कई नुकसान सामने आ रहे हैं। अब देखना होगा कि क्या देश के अन्य राज्यों में भी इस गेम पर कोई कदम उठाया जाता है या नहीं।
हालांकि गेम मेकर्स को भी यह समझना चाहिए कि ऐसे गेम जिसमें हथियारों का ज्ञान मिले, उसे इस्तेमाल करने की जानकारी या ऐसी कोई भी हिंसक प्रवृत्ति का प्रयोग हो उन्हें बच्चों और टीनेजर से दूर रखना चाहिए। पबजी में ऐसी ही हिंसक प्रवृत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है। जिसे देखकर और खेलकर बच्चों की मानसिकता पर काफी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। पहला बुरा प्रभाव कि बच्चे इस गेम की लत में अपनी जान तक गवां रहे हैं और दूसरा बुरा प्रभाव कि बच्चों और युवकों को तमाम हथियारों की जानकारी मिल रही है और उनका दिमाग हिंसक होता जा रहा है।


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