आपका अकाउंट भी हो सकता है हैक, ऐसे करें बचाव !
रिपोर्ट में दावा किया गया कि सोशल मीडिया की उपस्थिति साइबर अटैक्स में अहम भूमिका निभाती हैं।
अगर आप सोशल मीडिया यूजर हैं, या आपकी वेबसाइट सोशल मीडिया से जुड़ी हुई है, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि आपको सायबर क्रिमिनल के लिए आप ईजी टारगेट हैं। हैकर्स आसानी से आपके कंप्यूटर और वेबसाइट पर अटैक कर डेटा चुरा सकते हैं। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हैक की गई ज्यादातर वेबसाइट्स में से 99 फीसदी वो होती हैं, जो जो वेबसाइट्स नॉनप्रॉफिट, ब्लॉग्स और छोटे बिजनेस की होती हैं और सोशल साइट मीडिया से जुड़ी होती हैं।
पढ़ें- गूगल समेत ये टॉप 10 वेबसाइट लॉन्च के वक्त दिखती थीं ऐसी !

पढ़ें- दुनिया का पहला वायरलेस चार्जिंग लैपटॉप लॉन्च, ये हैं खास फीचर
सोशल मीडिया पर अधिक खतरा-
क्योरिटी प्रोवाइडर कंपनी साइटलॉक की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर यूजर्स की उपस्थिति साइबर अटैक में अहम होती है। ऐसी वेबसाइट्स जो ट्विटर, इंस्टाग्राम या फेसबुक से लिंक होती हैं, उनके हैक होने की संभावना 1.5 गुना ज्यादा होती है।
नॉनप्रॉफिट वेबसाइट्स निशाने पर-
साइटलॉक डाटा के मुताबिक, हैकर्स द्वारा हैक की गईं 99 फीसदी वेबसाइट्स नॉनप्रॉफिट, ब्लॉग्स और छोटे बिजनेस वाली होती हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि बड़े बिजनेस वाली वेबसाइट्स पर हैकर्स के जरिए अटैक नहीं किया गया है।
रोज 22 बार होता है वायरस अटैक-
रिपोर्ट में हैरान करने वाली बात सामने आई कि हर रोज किसी वेबसाइट्स पर करीब 22 बार और पूरे साल में 8000 बार अटैक किया जाता है। आईबीएम के कार्यकारी सुरक्षा सलाहकार एटे माओर ने भी अपने बयान में कहा कि अब सायबर अटैक का खतरा सिर्फ बड़ी वेबसाइट को ही नहीं है, छोटी वेबसाइट भी आसानी से हैकर्स का निशाना बन रही हैं।
क्या है वजह-
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और आईपी आर्किटेक्ट के अध्यक्ष जॉन पीरॉनटी ने कहा कि हैकर्स छोटे बिजनेस को इसीलिए आसानी से टारगेट करते हैं क्योंकि उनकी सुरक्षा में कुछ कमियां होती हैं, जिसका फायदा हैकर्स आसानी से उठा सकते हैं। छोटी और मध्यम वर्ग की कंपनियां बड़े बिजनेस की सिक्योरिटी के स्तर तक नहीं पहुंच पाती हैं। इससे छोटे और मध्यम वर्ग के बिजनेस को हैक करना बेहद आसान हो जाता है।
कैसे बचें-
इटलॉक के अध्यक्ष नील फैदर ने कहा कि जितनी ज्यादा कोई भी वेबसाइट विजिबल और पॉपुलर होगी, उतना ही ज्यादा साइबर अटैक का खतरा रहेगा। ऐसे में कंपनियों को अपना कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम यानि CMS लगातार अपडेट करते रहना चाहिए, और फायरवॉल जैसे अतिरिक्त टूल्स का भी इस्तेमाल करना चाहिए।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट-
साइटलॉक के अध्यक्ष नील फैदर ने कहा कि किसी वेबसाइट के हैक होने का कितना रिस्क है, ये उस वेबसाइट की पॉपुलरिटी पर निर्भर करता है। साथ ही वो साइट पर कौन-से कॉम्पोनेंट यूज करती है, ये भी इस तरह के हमले में अहम भूमिका निभाता है।


Click it and Unblock the Notifications








